बरेली: आईसीसीसी प्रोजेक्ट पास, पहले चरण में चार जगहों पर लगे कैमरे
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) का शनिवार को लाइव डेमो हुआ। यह प्रोजेक्ट अपने पहले इम्तिहान में पास हो गया। महापौर, मंडलायुक्त, नगर आयुक्त को हनीवेल कंपनी ने प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी दी। प्रोजेक्ट के पहले चरण में पूरी तरह सफल होने …
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) का शनिवार को लाइव डेमो हुआ। यह प्रोजेक्ट अपने पहले इम्तिहान में पास हो गया। महापौर, मंडलायुक्त, नगर आयुक्त को हनीवेल कंपनी ने प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी दी।
प्रोजेक्ट के पहले चरण में पूरी तरह सफल होने पर अधिकारियों ने इस काम में लगी टीम की प्रशंसा की। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से शहर में करीब 145 जगहों पर 900 कैमरों से निगरानी से अपराध नियंत्रण में भी आसानी होगी। पहले चरण में चार कैमरों को लगाकर इस परियोजना को चेक किया गया है।
नगर निगम परिसर में बन रही करोड़ों की बहुमंजिला इमारत के तीसरी मंजिल पर आईसीसीसी के लिए कंट्रोल रूम बन रहा है। कार्यदायी कंपनी ने इस प्रोजेक्ट के जरिए शहर में ट्रायल बतौर लगाए गए चार स्थानों पर कैमरों से ट्रैफिक व्यवस्था, भीड़भाड़ वाली कुछ खास जगहों व मुख्य मार्गों पर निगरानी के लिए कई कैमरे लगाए हैं। शील चौराहे, ईंट पजाया चौराहा, डेलापीर आदि स्थानों पर कैमरों से लोकेशन देखी।
बरेली स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ अभिषेक आनंद ने बताया कि कमिश्नर, मेयर, एसएसपी आदि ने सेंटर में आकर जायजा लिया। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट की इस प्रक्रिया में शहर के अनेक चौराहों पर करीब 900 सर्विलांस कैमरे, आधुनिक यातायात प्रबंधन के कैमरे लगाए जा रहे हैं। डेमो के तौर पर इनकी शुरूआत हो चुकी है। प्रोजेक्ट को चलाने वाली कंपनी अगस्त या सितंबर तक काम पूरा कर देगी।
मुख्यमंत्री से उद्घाटन कराने की तैयारी कर रहे अधिकारी
स्मार्ट सिटी के 167 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के सितंबर तक पूरा होने की संभावना है। अधिकारी कोशिश कर रहे हैं कि इस प्रोजेक्ट का उ्दघाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के हाथों हो जाए। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ने वर्चुअल बैठक में मेयर और नगर आयुक्त से इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए थे। कार्यक्रम में मेयर उमेश गौतम ने कहा कि आईसीसीसी प्रोजेक्ट में कुछ और ज्यादा सुधार करने की जरूरत है।
पानी सप्लाई के दौरान कहीं से पानी लीक होता है तो चिप लगाकर उसको पकड़ा जा सकता है। इसी तरह सीवर लाइन में भी यही व्यवस्था हो, ताकि सड़कों को बार बार क्षतिग्रस्त न करना पड़े। शहर की लाइटों का नियंत्रण भी इस प्रोजेक्ट के माध्यम से किया जा सकता है। मेयर ने कहा कि अपराध से जुड़ी घटनाओं का खुलासा करने के साथ उन पर लगाम लगाने में भी आसानी होगी।
विदेश में बैठा शख्स अपनी संपत्ति के बारे में पता लगा सकेगा
कार्यक्रम में मंडलायुक्त आर, रमेश कुमार ने कहा कि यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इससे पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकेगा। तमाम बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं, इसमें शामिल होने विदेशों से भी लोग आते हैं। उन्हें अंतर्राष्ट्रीय नंबर दिए जा सकते हैं। विदेश में बैठे लोग इस प्रोजेक्ट से अपनी संपत्ति का पता नम्बर डायल करके पा सकेंगे। एसएसपी रोहित सजवाण ने कहा कि नया बरेली जुलाई तक देखने को मिलेगा। नागरिक सुविधा एक जगह से कंट्रोल होगी।
कंपनी सितंबर तक पूरा करेगी काम
सीईओ स्मार्ट सिटी/ नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को हेनीवेल कंपनी ने सितंबर तक पूरा करने को कहा है। जो सुझाव मिले हैं, उन पर भी काम हो रहा है। इस व्यवस्था से शहर की तमाम गतिविधियों पर निगरानी रखना काफी आसान हो जाएगा।
