बाराबंकी: फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रही शिक्षिका बर्खास्त, रिकवरी का भी दिया गया निर्देश
बाराबंकी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार वर्मा ने फर्जी डिग्री से नौकरी करने में पूर्व माध्यमिक विद्यालय केसरुवा विकास खंड देवा की सहायक अध्यापिका को बर्खास्त कर दिया है। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश खंड शिक्षा अधिकारी को दिया है। एसआईटी की तीसरी संशोधित सूची में शिक्षिका का नाम शामिल था। श्रावस्ती …
बाराबंकी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार वर्मा ने फर्जी डिग्री से नौकरी करने में पूर्व माध्यमिक विद्यालय केसरुवा विकास खंड देवा की सहायक अध्यापिका को बर्खास्त कर दिया है। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश खंड शिक्षा अधिकारी को दिया है। एसआईटी की तीसरी संशोधित सूची में शिक्षिका का नाम शामिल था। श्रावस्ती जिले की निवासी साधना सिंह पुत्री देवता प्रसाद सिंह की नियुक्ति वर्ष 2011 में बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक पद पर हुई थी। फिर जमुनहा ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पसियनपुरवा में सहायक अध्यापक पद पर तैनाती हुई।
नियुक्ति के समय साधना सिंह ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा की वर्ष 2004-05 की बीएड डिग्री लगाई थी। डा. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय की कई बीएड की डिग्री फर्जी होने के मामले की एसआइटी ने जांच की। इसमें साधना सिंह की भी डिग्री फर्जी पाई गई। एसआईटी की रिपोर्ट पर बीएसए ने शिक्षिका को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लिया। जांच के बाद शिक्षिका की बीएड डिग्री फर्जी होने पर बर्खास्त कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक 21अगस्त.2016 के क्रम में अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण के फलस्वरूप कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, श्रावस्ती के आदेश पर 26.08.2016 द्वारा कार्यमुक्त होकर साधना सिंह ने दिनांक 31.08.2016 को बाराबंकी में उपस्थिति दर्ज करायी थी। तदोपरान्त साधना सिंह को सहायक अध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय केसरुवा विकास खंड देवा बाराबंकी में पदस्थापित किया गया था।
बीएसए राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि साधना सिंह पुत्री देवता प्रसाद सिंह सहायक अध्यापक उच्य प्राथमिक विद्यालय कसेरुवा विकास खंड देवा की सेवायें समाप्त करते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। साधना सिंह द्वारा कूटरचित ढंग छल पूर्वक नियुक्ति प्राप्त करने के सम्बन्ध में उनके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराकर सेवा के दौरान प्राप्त किये गये शासकीय धन की वसूली भी कराई जाएगी।
