खटीमा: कमला की आत्मा के खौफ में हैं परिजन और पड़ोसी
खटीमा, अमृत विचार। आंधी तूफान में गिरे पेड़ की चपेट में आकर जान गंवाने वाली नारायण नगर की कमला के परिजनों को अब उसकी कथित आत्मा सताने लगी है। जिसकी कोई पुष्टि नहीं करता है लेकिन परिजन इसे मानते हुए झाड़-फूंक कराने में जुटे हैं ताकि किसी बाहरी व्यक्ति को नुकसान न हो। घर के …
खटीमा, अमृत विचार। आंधी तूफान में गिरे पेड़ की चपेट में आकर जान गंवाने वाली नारायण नगर की कमला के परिजनों को अब उसकी कथित आत्मा सताने लगी है। जिसकी कोई पुष्टि नहीं करता है लेकिन परिजन इसे मानते हुए झाड़-फूंक कराने में जुटे हैं ताकि किसी बाहरी व्यक्ति को नुकसान न हो।
घर के ही नहीं आसपास के लोग भी दिन ढलने से पूर्व ही खाना खाकर घरों में चले जाते हैं। एक जून को सुबह साढ़े पांच बजे आए आंधी में सीमावर्ती गांव नरायण नगर से लगे वन विभाग के प्लांटेशन से यूके लिप्टस का विशालकाय पेड़ गिर गया था। उसी दौरान शौच से लौट रही कमला की पेड़ की चपेट में आने से मौत हो गई थी। अब परिजनों को उसकी घर में उपस्थिति का एहसास हो रहा है।
जिससे घर के साथ पड़ोसी भी खौफजदा हैं। शाम ढलते ही लोग अपने घरों में चले जाते हैं। कमला के पति सूरज ने बताया कि उसकी मौत के कुछ दिन बाद ही उसकी मां बत्तखों को चारा देने गई तो उसे लगा कि उसका हाथ किसी ने पकड़ लिया है और प्रयास के बाद भी नहीं छूटा तो वह चीखी चिल्लाई। यह भी कहा घर में रात्रि में कई बार अलग-अलग तरह की आवाज आ रही हैं।
सूरज का कहना है कि उसकी भतीजी पिछले दो दिनों से बेहद परेशान और गंभीर स्थिति में है और कभी-कभी अजीब हरकत कर रही है। जिसके चलते अब परिवार वाले झाड़-फूंक का सहारा ले रहे हैं।
फिलहाल इस खबर के चलते लोगा परेशान हैं और उन्हें भी डर सताने लगा है वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो ऐसी बातों को एक सिरे से खारिज कर रहे हैं मगर दबी जुबान से गांव में इस मामले की चर्चा चारों तरफ हो रही है।
