यूपी: जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा का दबदबा, जानिए कितने जिले में निर्विरोध निर्वाचित हुए प्रत्याशी
लखनऊ, अमृत विचार। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी के करीब 25 प्रत्याशियों का निर्विरोध चुना जाना तय है। इनके खिलाफ किसी ने भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया है। फिलहाल समाजवादी पार्टी का भी अपने गढ़ इटावा में जलवा बरकरार है। यहां पर सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष …
लखनऊ, अमृत विचार। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी के करीब 25 प्रत्याशियों का निर्विरोध चुना जाना तय है। इनके खिलाफ किसी ने भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया है। फिलहाल समाजवादी पार्टी का भी अपने गढ़ इटावा में जलवा बरकरार है। यहां पर सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए अभिषेक यादव उर्फ अंशुल के खिलाफ किसी ने नामांकन नहीं किया है। शनिवार को नामांकन दिन में 11 बजे से तीन बजे तक हुआ। जहां पर सिर्फ एक नामांकन पत्र दाखिल हुआ है, वहां पर दाखिल करने वाले का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के खिलाफ गाजियाबाद, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, गोरखपुर, झांसी, मुरादाबाद, चित्रकूट, हमीरपुर, मऊ, ललितपुर, बुलंदशहर, एटा, गौतमबुद्ध, आगरा व मेरठ में किसी ने भी नामांकन नहीं किया है। गाजियाबाद से भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बसंत त्यागी की पत्नी ममता त्यागी, बलरामपुर से 21 वर्षीय आरती तिवारी, गोंडा से घनश्याम मिश्र, श्रावस्ती से दद्दन मिश्रा, गोरखपुर से साधना सिंह, झांसी से पवन कुमार गौतम, मुरादाबाद से डा. शैफाली सिंह, चित्रकूट से अशोक जाटव, हमीरपुर से जयंती राजपूत, मऊ से मनोज राय, ललितपुर से कैलाश निरंजन, बुलंदशहर से डॉ अंतुल तेवतिया, एटा से प्रसपा छोड़कर आयी विनीता यादव, गौतमबुद्ध नगर में भाजपा के अमित चौधरी, आगरा से मंजू भदौरिया और मेरठ से गौरव चौधरी के खिलाफ किसी ने भी नामांकन दाखिल नहीं किया। यहां पर भाजपा प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है।
इधर, गोरखपुर में सपा जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी जितेंद्र यादव का पर्चा दाखिल नहीं हो पाया। चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा व सपा कार्यकर्ताओं के बीच बवाल हो गया। आरोप है कि भाजपा समर्थकों ने सपा प्रत्याशी को कलेक्ट्रेट मेन गेट पर रोक लिया। इसके अलावा अमरोहा में भाजपा के पूर्व सांसद कंवर सिंह के बेटे ललित तंवर ने नामांकन किया और सपा से पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे महबूब अली की पत्नी सकीना बेगम ने नामांकन किया लेकिन उनके पर्चें पर प्रस्तावक के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए इसलिए उनका नामांकन रद्द कर दिया गया। ऐसे में अमरोहा भी निर्विरोध भाजपा के पक्ष में आना तय है।
करीब 50 जिलों में भाजपा व सपा आमने-सामने
प्रदेश की सत्ता के लिए सेमीफाइनल माने जा रहे जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर करीब 50 जिलों में भारतीय जनता पार्टी और उसकी प्रतिद्वंदी समाजवादी पार्टी आमने-सामने होगी। दोनों ही राजनीतिक दल अपनी धमक बनाए रखने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर काफी गंभीर हैं। चुनावी रण में अपना दम बनाए रखने के लिए दोनों ही दल एड़ी चोटी का दम लगाने में लगे हुए हैं। दोनों की ही पार्टियों के प्रत्याशियों ने पर्चें दाखिल कर अपनी सियासी गोट बैठाने में लग गए हैं।
