बरेली: बाकरगंज से कूड़ा हटाने के लिए शासन से संस्था नामित
बरेली, अमृत विचार। शहर के सबसे बड़े डलावघर बाकरगंज में लगे कूड़े के पहाड़नुमा ढेरों को हटाने की कोशिश तेज हो गई है। शासन ने इसके लिए एक संस्था का चयन कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि करीब आठ लाख मीट्रिक टन कूड़ा हटाने का काम अगस्त से शुरू होने की संभावना है। …
बरेली, अमृत विचार। शहर के सबसे बड़े डलावघर बाकरगंज में लगे कूड़े के पहाड़नुमा ढेरों को हटाने की कोशिश तेज हो गई है। शासन ने इसके लिए एक संस्था का चयन कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि करीब आठ लाख मीट्रिक टन कूड़ा हटाने का काम अगस्त से शुरू होने की संभावना है। यह कंपनी 239 रुपये प्रति टन के हिसाब से कूड़ा हटाने का काम करेगी।
शहर से हर दिन निकलने वाले 400 से 500 मीट्रिक टन कूड़ा बाकरगंज डलावघर पर वर्षों से डाला जा रहा है। अनुमान है कि यहां आठ से 10 लाख मीट्रिक टन कूड़ा एकत्र हो गया है। नगर निगम इस कूड़े को हटाने के प्रयास लंबे समय से कर रहा है लेकिन सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ सके हैं। कुछ समय वहां से कूड़े के ढेर हटाने के लिए स्मार्ट सिटी परियोजना में रखे गए प्रस्ताव के बाद स्मार्ट सिटी बोर्ड आफ डायरेक्टर्स ने 20 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी।
इसकी स्वीकृति मिलने के साथ ही कूड़ा हटवाने के लिए जल निगम की संस्था सीएंडडीएस को नामित किया गया है। शासन के निर्देश पर कुछ दिन पहले सीएंडडीएस ने कूड़ा हटाने के लिए टेंडर कर इसके लिए हरी-भरी नाम की संस्था को इस काम के लिए ठेका दे दिया है। यह संस्था 239 रुपये प्रति टन के हिसाब से कूड़ा हटाने को तैयार हो गई है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह संस्था बाकरगंज के कूड़े के निस्तारण के लिए यहां मशीनें लगाएगी।
जिसमें कूड़े के हर आकार के भाग को अलग-अलग किया जाएगा। नगर निगम प्रति टन कूड़े के हिसाब से कार्यदायी संस्था को भुगतान करेगा। इस संबंध में स्मार्ट सिटी के सीईओ व नगर आयुक्त अभिषेक आनंद का कहना है कि हरी भरी कंपनी का चयन शासन स्तर से ही किया गया है। इस काम को कराने का जिम्मा सीएंडडीएस पर है। कार्यदायी संस्था जल्द ही कूड़ा हटाने का काम शुरू कर देगी।
पहले भी हुई थी कोशिशें, ज्यादा खर्च मांगने से नहीं बनी थी बात
नगर निगम प्रशासन ने पूर्व में एक सर्वे रिपोर्ट तैयार कराई थी। इसके मुताबिक 8.6 एकड़ भूमि पर बने बाकरगंज डंपिंग ग्राउंड पर करीब छह से सात लाख मीट्रिक टन कूड़ा इकट्ठा हो गया है। इस कूड़े का निस्तारण न हो पाने से नगर निगम के अधिकारी काफी समय से परेशान हैं। इसको लेकर यह कोशिश भी हुई कि सथरापुर में बन रहे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की करीब 10 एकड़ भूमि पर बाकरगंज के कूड़े के कुछ हिस्से को शिफ्ट कर दिया जाए लेकिन अब शासन स्तर से संस्था से संस्था नामित हो जाने के बाद नगर निगम प्रशासन को इससे काफी राहत मिली है।
