बरेली: छात्रों से अधिक संख्या में छात्राएं देंगी परीक्षा
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इस बार स्नातक और स्नातकोत्तर की मुख्य परीक्षा में छात्रों से अधिक संख्या में छात्राएं परीक्षा देंगी। मुख्य परीक्षा के 4.5 लाख परीक्षा फॉर्म भरे गए हैं, जिनमें छात्रों के फॉर्म 2.18 लाख भरे गए। जबकि, छात्राओं के फॉर्मों की संख्या 2.32 लाख है। हालांकि, परीक्षा …
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इस बार स्नातक और स्नातकोत्तर की मुख्य परीक्षा में छात्रों से अधिक संख्या में छात्राएं परीक्षा देंगी। मुख्य परीक्षा के 4.5 लाख परीक्षा फॉर्म भरे गए हैं, जिनमें छात्रों के फॉर्म 2.18 लाख भरे गए। जबकि, छात्राओं के फॉर्मों की संख्या 2.32 लाख है। हालांकि, परीक्षा फॉर्मों की यह संख्या स्नातक और स्नातकोत्तर के सभी वर्षों की है। इनमें स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के छात्र बिना परीक्षा के ही अगली कक्षा में प्रोन्नत हो जाएंगे।
स्नातक और स्नातकोत्तर की मुख्य परीक्षा के फॉर्म फरवरी, मार्च और अप्रैल में भरवाए गए थे। परीक्षाओं का आयोजन मई में होना था लेकिन कोरोना की वजह से परीक्षाओं पर रोक लग गई थी। शासन के दिशा-निर्देशों के तहत अब स्नातक व स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के छात्रों को अगली कक्षा में बिना परीक्षा प्रोन्नत किया जाएगा और स्नातक द्वितीय व तृतीय और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षाएं जुलाई में होंगी।
परीक्षाओं से पहले एक बार फिर विश्वविद्यालय ने सभी वर्षों के छात्रों के परीक्षा फॉर्म भरवाए। अप्रैल तक स्नातक और स्नातकोत्तर के 4.4 लाख फॉर्म भरे गए थे। जबकि 10 जून से 16 जून तक विलंब शुल्क के साथ भरे गए फॉर्मों की संख्या 10 हजार और बढ़ गई। नए परीक्षा फॉर्मों में स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के छात्रों के फॉर्म अधिक बताए जा रहे हैं, क्योंकि यह छात्र बिना परीक्षा के ही अगली कक्षा में प्रोन्नत हो जाएंगे।
स्नातकोत्तर में संस्थागत से अधिक व्यक्तिगत छात्र
स्नातक में तो व्यक्तिगत छात्रों से संस्थागत छात्रों की संख्या अधिक है लेकिन स्नातकोत्तर में ऐसा नहीं है। यहां पर व्यक्तिगत छात्रों के अधिक संख्या में फॉर्म भरे गए हैं। स्नातकोत्तर में जहां संस्थागत छात्रों ने 35713 परीक्षा फॉर्म भरे तो व्यक्तिगत छात्रों ने 41257 फॉर्म भरे। इसकी वजह है कि स्नातक में अधिकांश छात्र महाविद्यालयों में प्रवेश लेकर पढ़ाई करते हैं लेकिन स्नातक के बाद कई लोग नौकरी या अन्य वजह से महाविद्यालय नहीं जा पाते तो वह व्यक्तिगत फॉर्म भरकर पढ़ाई पूरी करते हैं।
प्रथम वर्ष के फॉर्म को लेकर खड़े हो रहे सवाल
विश्वविद्यालय ने स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के छात्रों के भी परीक्षा फॉर्म भरवाए हैं। इसको लेकर छात्र सवाल भी खड़े कर रहे हैं कि जब उनकी परीक्षा ही नहीं होगी तो फॉर्म भरवाकर शुल्क क्यों लिया गया। इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि प्रथम वर्ष के छात्र परीक्षा नहीं देंगे लेकिन उनके परिणाम से जुड़ी अन्य प्रक्रिया होंगी। परीक्षाओं की तैयारी पहले से हो रही थी। अधिकांश फॉर्म पहले भी भरवा लिए गए थे। कई प्रश्नपत्र भी तैयार हो चुके थे।
