ये है डिजिटल इंडिया: यहां गांव वालों के पास मोबाइल तो है पर “नेटवर्क ढूंढते रह जाओगे…”

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

गरमपानी, अमृत विचार। 21वीं सदी के भारत को डिजिटल इंडिया के नाम से नवाजा गया है। कोरोना काल में जब आजादी पर पाबंदी है तब बच्चे घरों में बैठ कर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। सरकार ने रुपयों के लेन-देने को भी डिजिटल कर दिया है। मैसेज में तब्दील हुई महीनों में पहुंचने वाली चिट्ठी …

गरमपानी, अमृत विचार। 21वीं सदी के भारत को डिजिटल इंडिया के नाम से नवाजा गया है। कोरोना काल में जब आजादी पर पाबंदी है तब बच्चे घरों में बैठ कर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। सरकार ने रुपयों के लेन-देने को भी डिजिटल कर दिया है। मैसेज में तब्दील हुई महीनों में पहुंचने वाली चिट्ठी का संदेश पलक झपकते सात समंदर पार पहुंच जाता है। यकीनन उतना कुछ हुआ, जिसकी आम इंसान ने कल्पना भी नहीं की थी। हालांकि हकीकत बनते ख्वाब अभी कइयों के सपनों से बाहर नहीं निकले हैं। 21वीं सदी के इस डिजिटल इंडिया में अल्मोड़ा-भवाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर आज भी मोबाइल की घंटी नहीं बजती है।

निगलाट और रामगढ़ में मोबाइल तो हैं, लेकिन नेटवर्क नहीं
अल्मोड़ा-भवाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित निगलाट व रामगढ़ क्षेत्र में मोबाइल शोपीस बने हुए हैं। ग्रामीणों को बात करने के लिए विशेष स्थानों का चयन करना पड़ता है। उपेक्षा से आहत ग्रामीणों ने तत्काल व्यवस्था दुरुस्त किए जाने की मांग उठाई है।
संचार क्रांति में नित नए प्रयोग किए जा रहे हैं, लेकिन अल्मोड़ा-भवाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित निगलाट, रामगढ़ तथा आसपास के क्षेत्र अभी भी संचार क्रांति का लाभ नहीं ले पा रहा।

क्षेत्र के लोगों ने मोबाइल तो ले रखे हैं, लेकिन वह महज शोपीस बनकर रह गए हैं। ग्रामीणों को बात करने के लिए विशेष स्थानों पर जाना पड़ता है। आपातकालीन स्थिति में दिक्कत और बढ़ जाती है। नेटवर्किंग व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से ग्रामीण परेशान है। कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा। बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन क्षेत्र अभी भी संचार क्रांति में पीछे है। क्षेत्र में एक अदद मोबाइल नेटवर्क की व्यवस्था तक नहीं है। जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने मोबाइल नेटवर्क व्यवस्था दुरुस्त किए जाने की मांग उठाई है।

संबंधित समाचार