बरेली: पुराने हटेंगे, रेलवे नए गार्डरों से बनाएगा ओवरब्रिज

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग का निर्माणाधीन ओवरब्रिज छह माह से इसलिए फंसा था कि पुराने गार्डर रखे जाएंगे या नए। इस दुविधा से अधिकारी अब जाकर बाहर निकले हैं। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के आईटी विभाग की दो तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि क्रॉसिंग के बीच में …

बरेली, अमृत विचार। हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग का निर्माणाधीन ओवरब्रिज छह माह से इसलिए फंसा था कि पुराने गार्डर रखे जाएंगे या नए। इस दुविधा से अधिकारी अब जाकर बाहर निकले हैं। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के आईटी विभाग की दो तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि क्रॉसिंग के बीच में निर्माणाधीन पुल के हिस्सों को जोड़ने के लिए पूर्व में मंगाए गए गार्डर हटाए जाएंगे। नए गार्डरों से ओवरब्रिज का निर्माण पूरा किया जाएगा।

रेलवे ने मंडलायुक्त को भी अवगत कराया है लेकिन ओवरब्रिज का निर्माण जल्द कराने को लेकर रेलवे अधिकारी अभी भी लापरवाह दिख रहे हैं। इसकी वजह से हुलासनगरा क्रॉसिंग के पास दुर्घटनाएं बढ़ गयी हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने से क्रॉसिंग पर लंबा जाम लग रहा है। रोज सैकड़ों वाहन घंटों फंसे रहते हैं। ओवरब्रिज निर्माण में हो रही ढील पर मंडलायुक्त आर रमेश कुमार ने रेलवे और एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारियों को तलब किया है।

मंडलायुक्त मंगलवार को शाहजहांपुर दौरे पर रहेंगे। वह वहां पर विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। हुलासनगरा ओवरब्रिज की प्रगति जानेंगे। रेलवे और एनएचएआई के अधकिारियों को भी प्रगति रिपोर्ट लेकर बुलाया गया है। मंडलायुक्त ने बताया कि हुलासनगरा ओवरब्रिज के निर्माण में अब नए गार्डर रखे जाएंगे। रेलवे ने पुराने गार्डरों से पुल निर्माण करने से इंकार कर दिया है। ओवरब्रिज निर्माण की धीमी गति तेज कराने के लिए शाहजहांपुर में दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शाहजहांपुर जिलाधिकारी से भी बात की जाएगी।

तीन साल पहले रेलवे ने रखे थे गार्डर, 2019 में स्वीकृत हुआ था ओवरब्रिज
ओवरब्रिज निर्माण के लिए रेलवे ने तीन साल पहले गार्डर रखवाए थे। पहले गार्डरों की तकनीकी जांच करने में मामला फंसा रहा। रुड़की आईटी ने इनकार कर दिया, तब बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के आईटी विभाग से एनएचएआई ने संपर्क किया। बीएचयू की तकनीकी टीम ने भी रिपोर्ट देने में कई महीने गुजार दिए थे। इस पुल का निर्माण पहले 31 मार्च तक करने के निर्देश थे।

बाद में जून माह तक का समय दे दिया गया। इसके बाद समय बढ़ाकर दिसंबर 2021 कर दिया गया। जुलाई, 2019 में तत्कालीन मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद की पैरवी के बाद एनएचएआई ने हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को भेजा था। करीब 45 करोड़ की लागत से 1000 मीटर लंबे ओवरब्रिज के निर्माण को अनुमति मिली थी। तब से निर्माण कार्य जारी था।

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