बरेली: जिला अस्पताल की ओपीडी में बनेगा हेपेटाइटिस क्लीनिक

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बरेली, अमृत विचार। हेपेटाइटिस-सी के बाद अब शासन हेपेटाइटिस-बी के मरीजों को भी नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराएगा। मेडिकल कॉरपोरेशन ने जिला अस्पताल को दवाएं भेज दी हैं। बरेली के अलावा बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत के मरीजों को भी दवा दी जाएंगी। इसके लिए मरीजों को संक्रमण के वायरल लोड और इलाज के दस्तावेज दिखाने होंगे। …

बरेली, अमृत विचार। हेपेटाइटिस-सी के बाद अब शासन हेपेटाइटिस-बी के मरीजों को भी नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराएगा। मेडिकल कॉरपोरेशन ने जिला अस्पताल को दवाएं भेज दी हैं। बरेली के अलावा बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत के मरीजों को भी दवा दी जाएंगी। इसके लिए मरीजों को संक्रमण के वायरल लोड और इलाज के दस्तावेज दिखाने होंगे।

जिला अस्पताल के मंडलीय अपर निदेशक एवं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. सुबोध शर्मा ने बताया कि शासन ने हेपेटाइटिस-बी की प्रमुख दवा टीनो फोविर और इंटिकावीर मरीजों को निशुल्क वितरित करने के लिए भेजी गई हैं। अभी दो सौ मरीजों के लिए दवा उपलब्ध कराई गई हैं। ऐसे मरीज जिन्हें यह दवा खरीदनी पड़ती है, वे सभी ओपीडी से मुफ्त दवा ले सकते हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से हेपेटाइटिस मरीजों की ओपीडी के लिए मंगलवार व शुक्रवार का दिन निर्धारित किया गया है।

मंडलीय अपर निदेशक व प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. सुबोध शर्मा ने बताया कि ओपीडी के कमरा नंबर सात में हेपेटाइटिस मरीजों के लिए हेपेटाइटिस क्लीनिक की शुरुआत की जाएगी। अस्पताल प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार 120 मरीज हेपेटाइटिस बी व 80 मरीज हेपेटाइटिस सी के जिले में हैं। सभी को अस्पताल के स्टाफ की ओर से मोबाइल से संपर्क कर दवाइयों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

हर माह 100 मरीजों को मिल रहा हेपेटाइटिस का इलाज
खून से फैलने वाली लीवर की बीमारी हेपेटाइटिस-सी की गिरफ्त में आए लोगों को अब जिला अस्पताल में मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। कोरोना काल में शासन ने जिला अस्पताल में दवा भेजी थी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार बरेली के अलावा मंडल के अन्य जिलों के मरीजों को भी यहां से निशुल्क दवा उपलब्ध कराई जाती है।

पिछले दस सालों में बढ़े मरीज
जिला अस्पताल ब्लड बैंक प्रभारी डा. यूवी सिंह ने बताया कि किसी भी डोनर का ब्लड लेने के बाद उसकी जांच की जाती है। करीब दो फीसदी डोनर के खून की जांच में हेपेटाइटिस बी का वायरस पाया जाता है। उसके खून को हटा देते हैं और संबंधित व्यक्ति को इलाज कराने को बता दिया जाता है। पिछले दस सालों में बीमारी बढ़ी है। स्वस्थ लोगों में भी वायरस मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों का नियमित टीकाकरण कराकर उनकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा रही है।

हेपेटाइटिस बी का टीका उनके नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल है। पहला टीका बच्चे को जन्म के 24 घंटे में लगा दिया जाता है। फिर डेढ़, ढाई और साढ़े तीन माह में बच्चों को डोज लगाई जाती है। जिले में जहां भी टीकाकरण बचा है, वहां अभियान चलाकर बच्चों को टीके लगाए जा रहे हैं। वहीं, जिला अस्पताल में मरीजों का निशुल्क इलाज भी उपलब्ध कराया जा रहा है। डा. एसके गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

हेपेटाइटिस के मरीजों के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर ओपीडी में हेपेटाइटिस क्लीनिक की शुरुआत की जा रही है। मंगलवार व शुक्रवार को कमरा नंबर सात में हेपेटाइटिस क्लीनिक के तहत मरीजों को मुफ्त परामर्श व दवाइयां वितरित की जाएंगी। -डा. सुबोध शर्मा, मंडलीय अपर निदेशक व प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक

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