बरेली: डेयरी संचालक पर 5000 का जुर्माना, गायों को कान्हा उपवन भेजा
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम की प्रवर्तन दल ने शुक्रवार को राजेंद्र नगर में एक डेयरी पर छापामार कार्रवाई की है। डेयरी से पांच गायों को पकड़कर उन्हें कान्हा उपवन गौशाला भेजा गया है। पॉश कॉलोनी राजेंद्रनगर के ब्लॉक-ए में तो एक डेयरी वाले ने पार्क के सामने जगह घेरकर गली को ही बंद कर …
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम की प्रवर्तन दल ने शुक्रवार को राजेंद्र नगर में एक डेयरी पर छापामार कार्रवाई की है। डेयरी से पांच गायों को पकड़कर उन्हें कान्हा उपवन गौशाला भेजा गया है। पॉश कॉलोनी राजेंद्रनगर के ब्लॉक-ए में तो एक डेयरी वाले ने पार्क के सामने जगह घेरकर गली को ही बंद कर दिया था। जानवरों के गंदगी फैलाने से आसपास के लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। पार्षद की ओर से नगर आयुक्त सहित नगर निगम के दूसरे अधिकारियों से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। अमृत विचार ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद निगम के प्रवर्तन दल ने कार्रवाई करते हुए डेयरी संचालक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया है।
स्थानीय पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना मम्मा ने नगर आयुक्त अभिषेक प्रकाश व अन्य अधिकारियों से यह शिकायत की थी कि राजेंद्रनगर ब्लॉक-ए में पार्क के पास एक डेयरी वाले ने अपने घर और पार्क के बीच गली में भैंसों को बांधना शुरू कर दिया है। इस वजह से यह गली तो बंद हो गई है। साथ ही गंदगी की वजह से आसपास के लोग बदबू से परेशान हैं।
गली बंद होने से लोगों को दूसरी ओर से घूमकर निकलना पड़ रहा है। पार्षद की कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। शुक्रवार को राजेंद्रनगर में एक डेयरी पर प्रवर्तन दल के सुधीर भोला, सीएफएसआई एमपी राठौर, सेनेटरी इंस्पेक्टर जगदीश चंद्र आदि ने कार्रवाई करते हुए डेयरी से पांच गायों को पकड़ उन्हें कान्हा उपवन भेजा है। साथ ही डेयरी संचालक पर पांच हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।
अपर नगरायुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि नगर निगम ने नालों में गोबर बहाने वाले डेरी संचालकों के खिलाफ अभियान चलाया है। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। गौरतलब है कि शहर के आबादी वाले इलाकों में डेयरी का संचालन काफी समय से लोगों को परेशान कर रखा है। गोबर से नालियां चोक हो जाती हैं। इससे बारिश में जलभराव की स्थिति भी पैदा हो जाती है। कई डेयरी वाले गलियों में जानवरों को बांधकर कब्जा किए रहते हैं। लोगों का कहना है कि डेयरी वालों को शहर के बाहर भेजा जाना चाहिए।
