धर्मांतरण व मनी लाड्रिंग मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, इन शहरों में की छापेमारी
लखनऊ। यूपी में अवैध धर्मांतरण के लिए विदेश से पैसा मंगाने और मौलाना उमर गौतम से जुड़े लोगों को खातों में पैसा ट्रांसफर मामले में की जांच शुरू हो चुकी है। इस संबंध में शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यूपी और दिल्ली में कई स्थानों पर छापेमारी की है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक ये …
लखनऊ। यूपी में अवैध धर्मांतरण के लिए विदेश से पैसा मंगाने और मौलाना उमर गौतम से जुड़े लोगों को खातों में पैसा ट्रांसफर मामले में की जांच शुरू हो चुकी है। इस संबंध में शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यूपी और दिल्ली में कई स्थानों पर छापेमारी की है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक ये छापेमारी इस्लामिक दावा सेंटर (आईडीसी) के कार्यालय, मामले के मुख्य आरोपी मोहम्मद उमर गौतम उसके सहयोगी मुफ्ती काजी जहांगीर आलम कासमी के दक्षिण दिल्ली के जामिया नगर क्षेत्र स्थित घर पर की गयी है।
वहीं लखनऊ स्थित ‘अल हसन एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन एंड गाइडेंस एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी’ के कार्यालयों में छापेमारी की गयी है। ईडी के अधिकारियों ने कहा कि ये संगठन उमर गौतम द्वारा चलाए जा रहे हैं और कथित अवैध धर्मांतरण में “महत्वपूर्ण भूमिका” निभा रहे हैं। दरअसल केन्द्रीय जांच एजेंसी ने पिछले माह धनशोधन निषेध अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत एक अपराधिक मामला दर्ज किया था। उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते(एटीएस) ने मामले का भंडाफोड़ किया था और एजेंसी इस मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि तलाशी अभियान के दौरान कई “आपत्तिजनक” दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
इस संबंध में एटीएस ने बीते दिनों उमर गौतम और कासमी को गिरफ्तार किया था, जो दिल्ली के जामिया नगर के रहने वाले हैं। साथ ही एटीएस ने दावा किया था कि वे इस्लामिक दावा सेंटर नाम से संगठन चलाते हैं और इन्हें कथित तौर पर गैर कानूनी गतिविधियां चलाने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई तथा अन्य विदेश एजेंसियों से धन मिलता है।
जब्त दस्तावेजों मे छुपे कई राज
ईडी और एटीएस ने जो अभी इस मामले से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं, उसमें कई अहम राज हैं, दस्तावेजों का परीक्षण कराया जा रहा है। बताया जा रहा है इन दस्तावेजों पता चलता है कि पूरे भारत में उमर गौतम और उनके संगठनों द्वारा कथित तौर पर किए गए “बड़े पैमाने पर धर्मांतरण” का खुलासा करते हैं। उन्होंने दावा किया कि दस्तावेजों में अवैध धर्मांतरण के उद्देश्य से आरोपी संगठनों द्वारा प्राप्त कई करोड़ रुपये के विदेशी धन का भी खुलासा हुआ है।
