हल्द्वानी: अब ITI कर्मचारी आंदोलन की राह पर, 5 से 12 जुलाई तक कार्य बहिष्कार की चेतावनी
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) कर्मचारी संघ ने सोमवार से प्रदेश व्यापी आंदोलन करने का निर्णय लिया है। कर्मचारी पांच से 12 जुलाई तक बांह में काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। अगर मांगे नहीं मानी गई तो कर्मचारियों ने 12 जुलाई से कार्य बहिष्कार की चेतावनी भी दी है। कर्मचारियों की …
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) कर्मचारी संघ ने सोमवार से प्रदेश व्यापी आंदोलन करने का निर्णय लिया है। कर्मचारी पांच से 12 जुलाई तक बांह में काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। अगर मांगे नहीं मानी गई तो कर्मचारियों ने 12 जुलाई से कार्य बहिष्कार की चेतावनी भी दी है।
कर्मचारियों की मुख्य मांग विभागीय ढांचे के पुनर्गठन और पदेन्नति है। आईटीआई कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद जोशी ने बताया कि दो साल से लंबित अनुदेश से कार्यदेशक पदोन्नति समेत विभिन्न मांगें पूरी करने के लिए विभागीय अधिकारियों को तीन जुलाई तक का समय दिया गया था, लेकिन इस तिथि तक भी कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।
ऐसे में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को प्रांतीय कार्यकारिणीं की आपात वर्चुअल बैठक में कर्मचारियों ने निर्णय लिया है कि अब मांगों के लिए विरोध किया नाराजगी के तौर पर विरोध किया जाएगा। प्रांतीय महामंत्री पंकज सनवाल ने बताया कि कोविड के कारण संस्थान बंद हैं और प्रशिक्षण कार्य ऑनलाइन हो रहा है। ऐसे में पांच से 12 जुलाई तक सांकेतिक विरोध स्वरूप कार्मिक काला फीता बांधकर संस्थान जाएंगे। कर्मचारियों ने निर्णय लिया है कि अपनी मांगों को लेकर सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जाएगा।
विरोध की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की जाएगी और जनप्रतिनिधियों के सोशल मीडिया एकाउंट के साथ टैग की जाएगी। बताया कि मांगों का निराकरण न होने पर 12 जुलाई से आईटीआई प्रवेश प्रक्रिया व वार्षिक परीक्षा में सहयोग न करने सहित अन्य बड़े निर्णय लिए जाएंगे। बैठक में प्रांतीय कोषाध्यक्ष पीके जोशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओपी उनियाल, प्रचार मंत्री मोहित चौहान, जीवन जोशी, निश्चल जोशी, मेजर सिंह पुंडीर, हरि प्रसाद सेमवाल, किशन सिंह जड़ौत, रमेश चमोली, आदि शामिल रहे।
