बरेली: सूदखोरी में नामजद आरोपी की संदिग्ध हालात में मौत, सड़क किनारे मिला शव
बरेली, अमृत विचार। सूदखोरी के मामले में नामजद संजू सक्सेना की संदिग्ध हालातों में मौत हो गई। संजू का शव सड़क किनारे पड़ा मिला, जहां स्थानीय लोगों ने जेब से मिले नंबरों पर फोन करके परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने पुलिस द्वारा लगातार दबिश देने की वजह से खुदखुशी करने का आरोप लगाया है। …
बरेली, अमृत विचार। सूदखोरी के मामले में नामजद संजू सक्सेना की संदिग्ध हालातों में मौत हो गई। संजू का शव सड़क किनारे पड़ा मिला, जहां स्थानीय लोगों ने जेब से मिले नंबरों पर फोन करके परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने पुलिस द्वारा लगातार दबिश देने की वजह से खुदखुशी करने का आरोप लगाया है। वहीं कुछ परिजन मौत का कारण हार्टअटैक भी बता रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
प्रेमनगर के धोबी चौराहा वाली गली के रहने वाले संजू सक्सेना का शव सोमवार को हार्टमन कॉलेज के पास सड़क किनारे पड़ा मिला। सूचना पर पहुंचे परिजन संजू को डीडीपुरम स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को सूचना दिए बगैर ही परिजन शव को घर ले आए। बताया जा रहा है कि कन्या महाविद्यालय के क्लर्क अरुण सक्सेना ने मां के इलाज के लिए 2005 में सूदखोरों से रुपये लिए थे।
रुपए वापस करने के बावजूद भी सूदखोर घर पहुंचकर अरुण को परेशान करते थे। जिसकी वजह से उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। इसी मामले में पुलिस ने करीब आठ से 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जिसमें संजू सक्सेना का भी नाम शामिल था। जानकारी के मुताबिक सूद पर पैसा संजू की बहन कंचन उठाती थी लेकिन संजू उसकी वसूली करता था। परिजनों ने बताया कि नामजद आरोपी होने की वजह से पुलिस गिरफ्तारी के लिए लगातार संजू के घर पर दबिश दे रही थी। इसकी वजह से संजू ने घर आना ही छोड़ दिया था और अलग रहना शुरू कर दिया था।

कोई कह रहा खुदखुशी तो कोई बता रहा हार्टअटैक
संजू के परिजनों में इस बात को लेकर आपस में ही विवाद हो गया कि संजू ने आत्महत्या की है या उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। संजू के पुत्र-पुत्री और पत्नी का कहना है कि गिरफ्तार करने के लिए लगातार पुलिस दबिश दे रही थी जिसकी वजह से वह दहशत में थे और हार्टअटैक की वजह से उनकी मौत हो गई। वहीं दूसरी तरफ संजू की मौत के बाद उसके घर पहुंचे रिश्तेदारों ने बताया कि संजू ने जेल जाने के डर की वजह से आत्महत्या कर ली है।
सूचना मिलने पर जब पुलिस पहुंची तो परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से भी मना कर दिया था। मामला जब एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने प्रेमनगर पुलिस को शव का पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि मौत की असली वजह सामने आने के लिए पोस्ट मार्टम कराया जाना जरूरी है।
