बरेली: परीक्षा देर से शुरू होने पर छात्रों का हाईवे पर हंगामा, लगाया जाम

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बरेली/आंवला, अमृत विचार। भमोरा में बदायूं रोड स्थित बाबा रामदास महाविद्यालय सैदपुर कनी भोलापुर में सोमवार को सेमेस्टर परीक्षा देर से शुरू होने पर छात्र आक्रोशित हो उठे। हंगामा करते हुए छात्र हाईवे पर पहुंच गए और सड़क जाम कर दी जिससे रोड पर लंबा जाम लग गया। इधर, छात्रों ने बीएससी, बीकॉम और बीएम …

बरेली/आंवला, अमृत विचार। भमोरा में बदायूं रोड स्थित बाबा रामदास महाविद्यालय सैदपुर कनी भोलापुर में सोमवार को सेमेस्टर परीक्षा देर से शुरू होने पर छात्र आक्रोशित हो उठे। हंगामा करते हुए छात्र हाईवे पर पहुंच गए और सड़क जाम कर दी जिससे रोड पर लंबा जाम लग गया। इधर, छात्रों ने बीएससी, बीकॉम और बीएम प्रथम वर्ष की तरह बीएससी कृषि में भी बिना परीक्षा के अगली कक्षा में प्रोन्नत करने की मांग शुरू कर दी। महाविद्यालय प्रशासन और पुलिस के समझाने के बाद करीब दो घंटे बाद छात्र शांत हुए। उसके बाद परीक्षा का आयोजन किया गया।

रुहेलखंड विश्वविद्यालय की सेमेस्टर की बची परीक्षाएं सोमवार से दोबारा शुरू हो गईं। आंवला तहसील के उपराला गांव स्थित गौरी शंकर महाविद्यालय के बीएससी कृषि के छात्रों का बाबा रामदास महाविद्यालय में प्रथम पाली में सुबह 9 बजे से परीक्षा थी। छात्र समय पर परीक्षा देने पहुंच गए लेकिन महाविद्यालय में परीक्षा की कोई तैयारी नहीं थी। वहां पर सिर्फ चपरासी मौजूद थे। परीक्षा न होने से छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और छात्र सड़क पर प्रदर्शन करने लगे।

प्रदर्शन की सूचना पर भमोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गौरी शंकर महाविद्यालय के शिक्षकों व छात्रों से बात कर जाम खुलवाया। छात्रों का कहना था कि पहले हमें बताया गया कि अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया गया है। आठ दिन पहले सूचना मिली कि 5 जुलाई से परीक्षा होगी। इतने कम समय में बिना तैयारी के परीक्षा कैसे दे पाएंगे। इस सम्बंध में बाबा रामदास के प्रचार्य पंकज शर्मा ने बताया कि हमें परीक्षा को लेकर कोई सूचना नहीं दी गई।

सूचना मिलने पर व्यवस्था कराई और पेपर कराया गया। पेपर करीब साढ़े 10 बजे से प्रारंभ किया गया। वहीं गौरी शंकर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. जोगेंद्र सिंह ने बताया विश्वविद्यालय से ई-मेल के जरिए परीक्षा केंद्र की सूचना मिली थी। छात्र सौरभ कुमार ने बताया कि अगर छात्र देर से आएं तो परीक्षा में बैठने नहीं देते हैं और जब समय से आ गए तो कोई व्यवस्था नहीं की। मानसिक तनाव में पेपर दिया। छात्र रविन्द्र देव ने बताया कि घर वाले भी चिंता कर रहे होंगे कि परीक्षा छूटने के बाद घर क्यों नहीं पहुंचे। छात्र पंकज शर्मा ने बताया कि विद्यालय में कोई स्टाफ नहीं था।

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