बरेली: संवेदनहीन कर्मचारी, दर्द से कराह रहे झुलसे बच्चे की कर दी अस्पताल से छुट्टी
बरेली, अमृत विचार। पापुलर के पेड़ पर उतरे करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलसा 11 साल का अमन तड़प रहा था। इलाज करने की बजाय जिला अस्पताल के कर्मचारी संवेदनहीन बन गए। उन्होंने हालत गंभीर बताकर अमन को रेफर कर उसके पिता के हाथ में पर्ची थमा दी। मजबूरन आर्थिक रूप से …
बरेली, अमृत विचार। पापुलर के पेड़ पर उतरे करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलसा 11 साल का अमन तड़प रहा था। इलाज करने की बजाय जिला अस्पताल के कर्मचारी संवेदनहीन बन गए। उन्होंने हालत गंभीर बताकर अमन को रेफर कर उसके पिता के हाथ में पर्ची थमा दी। मजबूरन आर्थिक रूप से कमजोर पिता झुलसे बेटे को लेकर कहां जाता? उसके सामने बेटे की जिंदगी बचाने की चुनौती खड़ी हो गयी।
बच्चे के बाएं हाथ की हथेली झुलसने के साथ कई अंगुलियां कटकर गिरने की स्थिति में थीं। सीधे हाथ की बाजू, पैर की स्थिति भी अच्छी नहीं थी। उसकी हालत देख हर कोई डर रहा था। कहीं से मदद की उम्मीद नहीं दिखी तब मीरगंज तहसील के पहुंचा बुजुर्ग गांव निवासी तोताराम झुलसे बेटे को बाहों में उठाए कलेक्ट्रेट पहुंच गए। ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं होने पर एक युवक भी उनका मददगार बना।
कलेक्ट्रेट में दोपहर करीब 1.45 बजे तोताराम बेटे को लेकर अपर जिलाधिकारी प्रशासन वीके सिंह के कार्यालय पहुंचा। एडीएम प्रशासन के नहीं मिलने पर स्टाफ से गुहार लगायी। अमृत विचार ने बच्चे की हालत देख तत्काल जिलाधिकारी नितीश कुमार को मामले से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने बच्चे की पीड़ा समझते हुए संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस को फोन कर बच्चे को भर्ती कर इलाज करने के निर्देश दिए।
इसके बाद तोताराम बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। सीएमएस से मिलने के बाद बच्चे को भर्ती कराया। बच्चे के पिता तोताराम ने बताया कि डाक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया है। मंगलवार सुबह पट्टी बदली जाएगी। तोताराम के अनुसार कई दिन बच्चा अस्पताल में भर्ती रहा लेकिन अचानक कर्मचारियों ने छुट्टी कर रेफर की पर्ची थमा दी थी।
ऐसे झुलसा था अमन
3 जून को सुबह 10 बजे अमन पापुलर के पेड़ के नीचे खेल रहा था। पेड़ के ऊपर से 11 हजार की विद्युत लाइन गुजर रही है। अचानक पेड़ में करंट उतर आया और उसकी चपेट में आकर अमन झुलस गया। पिता तोताराम ने संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
इलाज शुरू करने के निर्देश दिए
जिलाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल के सीएमएस को बच्चे को भर्ती कर इलाज शुरू करने के निर्देश दिए हैं। बच्चे का हाथ काफी खराब है। बिना ऑपरेशन के ठीक होना मुश्किल है, ऐसा डाक्टर बता रहे हैं। यहां इलाज शुरू हो गया है। बच्चे को नुकसान नहीं पहुंचने देंगे। जरूरत पड़ने पर सरकारी खर्चे पर उसे एंबुलेंस से लखनऊ भिजवाया जाएगा ताकि उसके हाथ का ऑपरेशन हो सके।
