कैबिनेट का विस्तार कर क्या मोदी करेंगे बड़ा उलटफेर? ज्योतिरादित्य सिंधिया के बारे में लगाए जा रहे कयास

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इंदौर (मध्य प्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंत्रिपरिषद के शीघ्र विस्तार की अटकलों के बीच भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को इस विषय में कुछ भी कहने से परहेज किया। बहरहाल उनके एक करीबी भाजपा नेता ने कहा कि वह मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल का दौरा अधूरा छोड़कर मंगलवार दोपहर दिल्ली …

इंदौर (मध्य प्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंत्रिपरिषद के शीघ्र विस्तार की अटकलों के बीच भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को इस विषय में कुछ भी कहने से परहेज किया। बहरहाल उनके एक करीबी भाजपा नेता ने कहा कि वह मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल का दौरा अधूरा छोड़कर मंगलवार दोपहर दिल्ली रवाना हो सकते हैं। सिंधिया उन प्रमुख दावेदारों में शामिल माने जा रहे हैं जिन्हें मोदी मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती है।

इंदौर में मंगलवार सुबह सिंधिया से जब संवाददाताओं ने उनके केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल होने के बारे में पूछा तो उन्होंने इस सवाल का कोई भी जवाब नहीं दिया और कहा कि उन्हें अपने अगले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना होना है। सिंधिया ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामाप्रसाद मुखर्जी की 120 वीं जयंती पर इंदौर में उनकी प्रतिमा पर अन्य भाजपा नेताओं के साथ माल्यार्पण किया।

सिंधिया ने मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल का तीन दिवसीय दौरा रविवार से शुरू किया था और मूल कार्यक्रम के मुताबिक उन्हें बुधवार सुबह 09:15 बजे इंदौर से दिल्ली रवाना होना था। सिंधिया के नजदीकी एक भाजपा नेता ने कहा कि वह इस दौरे को अधूरा छोड़कर मंगलवार दोपहर 03:30 बजे इंदौर से दिल्ली रवाना हो सकते हैं। सिंधिया के दौरा कार्यक्रम में संभावित परिवर्तन को मोदी मंत्रिपरिषद के विस्तार की अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा है।

इस बीच केंद्रीय मंत्रिपरिषद में सिंधिया के शामिल होने की अटकलों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा, “अगर उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया जा रहा है, तो उन्हें बहुत बधाई।”

गौरतलब है कि सिंधिया की सरपरस्ती में कांग्रेस के 22 बागी विधायकों के विधानसभा से त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने के कारण तत्कालीन कमलनाथ सरकार का मार्च 2020 में पतन हो गया था। इसके तत्काल बाद शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा सूबे की सत्ता में लौट आई थी।

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