पीएम मोदी आज शाम बनाएंगे अपनी नई टीम, मंत्रिमंडल में इनकी होगी एंट्री
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार शाम अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं। अगले साल संभावित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी की इस नई टीम में चुनावी राज्यों के सियासी समीकरणों के साथ ही वर्ष 2024 लोकसभा चुनाव का रोडमैप की भी झलक दिखेगी। इस …
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार शाम अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं। अगले साल संभावित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी की इस नई टीम में चुनावी राज्यों के सियासी समीकरणों के साथ ही वर्ष 2024 लोकसभा चुनाव का रोडमैप की भी झलक दिखेगी। इस विस्तार में कई मंत्रियों की कुर्सी छिन सकती है तो कईयों को केंद्र में मोदी के सहयोगी बनने का मौका मिलेगा।
मंगलवार को मोदी सरकार में सामाजिक अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत को कर्नाटक का राज्यपाल बनाये जाने से यह संकेत मिल गया है कि मोदी मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल इस बार काफी बड़ा होगा। सूत्रों के मुताबिक इस विस्तार में करीब डेढ़ दर्जन नए मंत्रियों को शामिल किया जाएगा। वहीं कुछ पुराने चेहरों की मोदी मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है। बुधवार शाम को होने जा रहे इस मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होने वाले संभावित चेहरों को मंगलवार को ही सूचना देकर दिल्ली बुला लिया गया है। कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया, असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे, जदयू नेता आरसीपी सिंह जैसे प्रमुख नेता मंगलवार को ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया तो इंदौर का अपने दौरे को बीच में ही स्थगित कर दिल्ली पहुंचे। माना जा रहा है कि मोदी की नई टीम में युवाओं को खास तौर पर तरजीह दी जाएगी। वहीं एससी, एसटी, ओबीसी के साथ महिलाओं को भी तवज्जो दी जाएगी।
बता दें कि मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के दो साल पूरे कर चुकी है। इस दौरान अभी तक मंत्रिमंडल में विस्तार नहीं किया गया है। दिग्गज नेता रामविलास पासवान के बाद से उनकी जगह भी रिक्त है। कोरोना काल की जंग के दौरान मोदी सरकार की छवि को भी खासा झटका लगा है। इसको लेकर बीते दिनों प.बंगाल चुनाव के बाद दिल्ली में हुई संघ—भाजपा के शीर्ष नेताओं की बैठकों का दौर भी चला। वहीं पांच राज्यों के अगले साल होने वाले चुनाव की चिंता को लेकर भी मंथन हुआ। खासकर उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के नतीजों ने भी भाजपा के साथ ही संघ पदाधिकारियों की चिंताओं में इजाफा किया। यही वजह है कि मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही इन सभी समीकरणों को साधने की कवायद की जा रही है। सूत्रों की मानें तो मंत्रिपरिषद विस्तार में प्रधानमंत्री सामाजिक समीकरणों, सहयोगी दलों को साधने, आने वाले चुनावों की रणनीति के साथ इस बात का भी ध्यान रखेंगे जिससे कि सरकार की छवि बेहतर हो सके। ऐसे में मंत्रिपरिषद में नए और युवा चेहरों को ज्यादा जगह मिल सकती है।
मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होने वाले जिन नए चेहरों की चर्चा है उनमें बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी, उत्तर प्रदेश से भाजपा सांसद अजय मिश्रा, सकलदीप राजभर, विनोद सोनकर, पूर्व केंद्रीय मंत्री रामशंकर कठेरिया, महाराष्ट्र भाजपा के सांसद कपिल पाटील, हिना गावित, ओडिशा से आने वाले सांसद अश्विनी वैष्णव, मध्य प्रदेश की लोकसभा सांसद संध्या राय व हरियाणा की सांसद सुनीता दुग्गल शामिल हैं। इस विस्तार में भाजपा सहयोगी दलों को भी मजबूती से अपने साथ करना चाहेगी। जदयू ने साफ किया कि वह सरकार में शामिल होने जा रही है और सब कुछ तय हो गया है। जद यू से आरसीपी सिंह समेत तीन से चार मंत्री बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा अपना दल से अनुप्रिया पटेल, लोजपा के पशुपति पारस, निषाद पार्टी के प्रवीण निषाद (भाजपा सांसद) को भी जगह मिल सकती है।
