विधानसभा चुनाव 2022 को साधने का प्रयास, यूपी के ये चेहरे मंत्रिमंडल में हुए शामिल
लखनऊ। प्रदेश के सात सांसद को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए ओबीसी फैक्टर को साधने का प्रयास किया गया है। इस विस्तार के साथ ही भाजपा ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश की है। साथ ही अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव …
लखनऊ। प्रदेश के सात सांसद को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए ओबीसी फैक्टर को साधने का प्रयास किया गया है। इस विस्तार के साथ ही भाजपा ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश की है। साथ ही अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिहाज से सभी वर्गों को साधने की कोशिश की गई है। कैबिनेट विस्तार में तीन एससी वर्ग और तीन ओबीसी वर्ग के मंत्रियों को शामिल किया जा रहा है। वहीं एक ब्राह्मण को जगह दी गई है।
इसमें अनुप्रिया पटेल, डॉ. एसपी बघेल, पंकज चौधरी, भानु प्रताप वर्मा, कौशल किशोर, बीएल वर्मा और अजय कुमार मिश्र मंत्री बने हैं। अवध क्षेत्र में लखनऊ से सांसद कौशल किशोर को मंत्री बनाया गया, जो एससी वर्ग से आते हैं, वह दूसरी बार लोकसभा सांसद बने हैं। रूहेलखंड क्षेत्र से बदायूं के बीएल वर्मा को मंत्री बनाया गया, जो ओबीसी वर्ग से आते हैं। प्रदेश से अभी तक लोधी राजपूत के प्रतिनिधित्व करने वाला केंद्र में सहभागिता नहीं थी, जिसे भरने का प्रयास किया गया है। बीएल वर्मा को पिछले साल ही संगठन ने राज्यसभा का टिकट देकर संसद भेजा।
प्रदेश में अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लोधी वोटरों पर पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तहत उन्हें जगह दी गई है। पश्चिमी यूपी से आगरा के सांसद डॉ. एसपी बघेल को मंत्रिमंडल में जगह मिली, जो एससी वर्ग से आते हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र के जालौन से सांसद भानुप्रताप सिंह वर्मा को मंत्रिमंडल में जगह मिली, जो एससी वर्ग से आते हैं। पूर्वांचल क्षेत्र में महाराजगंज से सांसद पंकज चौधरी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी गई, जो ओबीसी वर्ग से आते हैं।
सहयोगी को एकजुट रखने का दिया संदेश
भाजपा ने मिर्जापुर विध्यांचल क्षेत्र से अपना दल की अनुप्रिया पटेल को मंत्रिमंडल में जगह दी हैं, जो ओबीसी वर्ग से आती हैं। पटेल को मंत्रिमंडल में जगह देने के साथ ही भाजपा अपने सहयोगियों को एकजुट रखना चाहती है। प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा इस कैबिनेट विस्तार के साथ ही कुछ खास वर्ग के मतदाताओं को संदेश देना चाहती है। भाजपा बड़ी संख्या में ओबीसी और एससी वर्ग के वोटबैंक को छिटकने नहीं देना चाहती है।
ब्राह्मण को रिझाने का चला दांव
रूहेलखंड क्षेत्र के लिए खीरी से सांसद अजय मिश्र टेनी को मंत्रिमंडल में जगह मिली, जो ब्राह्मण हैं। अजय मिश्र को प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण मतदाताओं को रिझाने के प्रयास से भी जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, अजय मिश्रा की लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, सीतापुर और बहराइच समेत कई जिलों में ब्राह्मण मतों पर अच्छी खासी पकड़ मानी जाती है। जिसका 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को खासा लाभ मिल सकता है। इसके अलावा अजय संघ से भी जुड़े हुए हैं।
जिन नामों पर चर्चा हुई वो सूची से नाम गायब
प्रदेश से जिन चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है, उनकी कोई विशेष चर्चा भी नहीं हुई। हालांकि जिन्हें तरजीह दी जाने की अटकलें लगाई जा रही थी, उनका नाम सूची से गायब हो गया है। प्रदेश से केंद्र सरकार में प्रधानमंत्री को छोड़कर नौ मंत्री हैं लेकिन चर्चा थी कि प्रदेश से प्रयागराज से सांसद रीता बहुगुणा जोशी, पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी, इटावा से सांसद रामशंकर कठेरिया, बागपत से सांसद सत्यपाल सिंह, सांसद सत्यदेव पचौरी, सकल दीप राजभर केंद्र में मंत्री बनाए जाने की कयास लगाई गई थी। इधर, अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद अनुप्रिया पटेल को तो जगह दे दी गई लेकिन प्रवीण निषाद भी मंत्री पद के लिए दावा कर रहे थे, उन्हें जगह नहीं दी गई।
