बरेली: कायाकल्प देख सरकारी स्कूलों में दिलचस्पी दिखा रहे अभिभावक
बरेली, अमृत विचार। कायाकल्प के काम होने के बाद सरकारी स्कूलों में बच्चों का दाखिला कराने में अभिभावक दिलचस्पी दिखा रहे हैं। राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में मात्र सात दिन में अब तक 40 छात्रों के दाखिले हो चुके हैं। इससे शिक्षक भी उत्साहित हैं। इसे कोरोना काल में कई अभिभावकों के रोजगार छिनने से …
बरेली, अमृत विचार। कायाकल्प के काम होने के बाद सरकारी स्कूलों में बच्चों का दाखिला कराने में अभिभावक दिलचस्पी दिखा रहे हैं। राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में मात्र सात दिन में अब तक 40 छात्रों के दाखिले हो चुके हैं। इससे शिक्षक भी उत्साहित हैं। इसे कोरोना काल में कई अभिभावकों के रोजगार छिनने से उनके समक्ष आई आर्थिक तंगी को कारण माना जा रहा है। इस बार दाखिलों की संख्या में इजाफे की बात शिक्षक कह रहे हैं।
सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर को देखकर ज्यादातर अभिभावक अपने बच्चों को इन्हीं स्कूलों में प्रवेश कराने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। जिले में 379 स्कूल बेसिक शिक्षा विभाग के अंग्रेजी माध्यम के चल रहे हैं। इन सभी स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। कोरोना संक्रमण के कारण कई अभिभावकों का रोजगार छिन गया। इसलिए अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजने का फैसला कर चुके हैं।
परिषदीय स्कूलों में हुए कायाकल्प को देख अभिभावक अपने बच्चों को इन स्कूलों में भेजना पसंद कर रहे हैं। शहर के चार इंटर कॉलेज में स्मार्ट सिटी के तहत स्मार्ट क्लास तैयार की जा रही हैं जिससे लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में प्रवेश करा रहे हैं। राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा. अवनीश यादव ने बताया कि इस सत्र में पिछले सत्र से ज्यादा प्रवेश किए जाएंगे क्योंकि केवल 7 दिन में ही कॉलेज में करीब 40 बच्चों के अभिभावक प्रवेश करा चुके हैं।
अभिभावक कॉलेज में आने के बाद स्मार्ट क्लास के बारे में पूछते हैं। उत्सुकता से क्लास रूम देखते हैं। उन्होंने बताया कि कॉलेज में छात्र- छात्राओं को स्मार्ट क्लास में पढ़ाया जाएगा। राजकीय कन्या इंटर कालेज में कक्षा 6 में इस सत्र अंग्रेजी माध्यम में भी प्रवेश शुरू हो गए हैं जिससे कॉलेज में छात्राओं के प्रवेश कराने के लिए अभिभावक पहुंच रहे हैं।
परिषदीय स्कूलों में कायाकल्प तहत यह काम किए जा रहे
- स्कूलों में टाइल्स लगाई जा रही
- बालक, बालिका के शौचालय बनवाए जा रहेहैं
- बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर
- पीने के लिए शुद्ध जल की व्यवस्था की गई है
- दिव्यांग शौचालय
- विद्युत कार्य
(नोट – ये सभी कार्य कई स्कूलों में हो गए हैं और कुछ स्कूलों में कायाकल्प का काम चल रहा है।)
- शहर के चार इंटर कॉलेजों में स्मार्ट क्लास
- तिलक इंटर कॉलेज
- मौलाना आजाद इंटर कॉलेज
- राजकीय कन्या इंटर कॉलेज
- राजकीय इंटर कॉलेज
