रामभद्राचार्य बोले-भागवत का डीएनए वाला बयान गलत, योगी का काम केवल सोशल मीडिया तक सीमित
चित्रकूट। अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का रोडमैप तैयार करने की भाजपा-संघ की कवायद शुरू हो गई है। इसको लेकर यूपी से लेकर दिल्ली तक बैठकों और मंथन का दौर जारी है। चुनावी तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत दो दिन से चित्रकूट में हैं। बुधवार को वह …
चित्रकूट। अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का रोडमैप तैयार करने की भाजपा-संघ की कवायद शुरू हो गई है। इसको लेकर यूपी से लेकर दिल्ली तक बैठकों और मंथन का दौर जारी है। चुनावी तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत दो दिन से चित्रकूट में हैं। बुधवार को वह पद्म विभूषण जगदगुरु रामभद्राचार्य महाराज से शिष्टाचार भेंट करने के लिए तुलसी पीठ आश्रम गए। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक के बाद रामभद्राचार्य ने आरएसएस चीफ मोहन भागवत के डीएनए वाले बयान और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज पर सवालिया निशान लगा दिया। बयान दे दिया।
भागवत से मुलाकात के बाद पद्म विभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का डीएनए वाला बयान अनुकूल नहीं है।उन्होंने योगी सरकार और हाल ही में संपन्न हुए यूपी जिला पंचायत चुनाव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, यहां के जिला पंचायत चुनाव से मैं संतुष्ट नहीं हूं। लेकिन, उत्तर प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार ही बनेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का कामकाज अच्छा नहीं है। योगी सरकार के काम का असर धरातल पर नहीं दिखता, केवल सोशल मीडिया तक ही सीमित है।
बता दें कि पिछले दिनों गाजियाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने कहा था, यदि कोई हिंदू कहता है कि मुसलमान यहां नहीं रह सकता है, तो वह हिंदू नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि गाय एक पवित्र जानवर है, लेकिन जो इसके नाम पर दूसरों को मार रहे हैं, वो हिंदुत्व के खिलाफ हैं। ऐसे मामलों में कानून को अपना काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी भारतीयों का डीएनए एक है, चाहे वो किसी भी धर्म का हो।
गौरतलब है कि चित्रकूट में संघ के प्रांत प्रचारकों का चिंतन शिविर 9 जुलाई से 13 जुलाई तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें हिस्सा लेने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी चित्रकूट पहुंचे हैं। बैठक में देशभर के सीनियर प्रचारकों को वर्चुअल माध्यम से भी जोड़ा जायेगा। इस शिविर में 2022 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनावों के साथ-साथ कोरोना की स्थिति और अन्य मुद्दों पर चिंतन किया जाना है।
