बरेली: दलित की हत्या की डेढ़ साल बाद कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज
रिठौरा/बरेली, अमृत विचार। थाना हाफ़िजगंज के गांव तिगरा में अभियुक्त के पक्ष में गवाही देने से इंकार करने पर दबंग बदमाश ने घर से बुलाकर निर्ममता से हत्या कर दी थी। जिसकी डेढ़ साल बाद कोर्ट के आदेश पर थाना हाफ़िजगंज में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। गांव तिगरा में पप्पू जाटव …
रिठौरा/बरेली, अमृत विचार। थाना हाफ़िजगंज के गांव तिगरा में अभियुक्त के पक्ष में गवाही देने से इंकार करने पर दबंग बदमाश ने घर से बुलाकर निर्ममता से हत्या कर दी थी। जिसकी डेढ़ साल बाद कोर्ट के आदेश पर थाना हाफ़िजगंज में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
गांव तिगरा में पप्पू जाटव के घर शादी समारोह में पप्पू की रिश्तेदार महिला कांस्टेबल भी आई हुई थी। जिसके साथ हरपाल यादव के परिवार के लोगों ने बुरी नियत से पकड़ लिया था जिसकी रिपोर्ट दर्ज हुई थी जोकि विशेष न्यायधीश एससी/एसटी एक्ट कोर्ट बरेली में विचाराधीन है जिसमें पप्पू वादी एवं मुख्य गवाह 05 फरवरी 2020 की शाम 5 बजे हरपाल यादव पुत्र झम्मन लाल, पिन्टू पुत्र हरपाल यादव, झम्मन सहित ग्राम डंडिया थाना इज्जत नगर निवासी जितेंद्र कुमार शर्मा पुत्र सोम पाल शर्मा पप्पू को घर से बुलाकर ले गए।
कहा कि फ़ैसले को लेकर कुछ बातचीत करनी है और हत्या कर दी। देर रात तक पप्पू नहीं लौटे तो परिवार वाले हरपाल यादव के घर गये तो हरपाल के घर ताला लगा था। पप्पू के घर वालों ने रात में काफ़ी खोजबीन की मगर कोई पता नहीं चला। सुबह को डंडिया वाली नहर में लाश पड़ी मिली, जिस पर गम्भीर चोटों के निशान थे।
मृतक पप्पू के बेटे मुनीश कुमार ने डायल 100 को फोन करके बुलाया और उपरोक्त हरपाल यादव, पिन्टू और जितेंद्र कुमार शर्मा के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के पश्चात रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया था मगर रिपोर्ट दर्ज नहीं की। नामजद तहरीर देने से बौखलाए दबंग ने दूसरे दिन अपने पिता झम्मन लाल पुत्र पिन्टू सहित दोस्त जितेंद्र कुमार शर्मा के साथ मिलकर पीड़ित के घर लाठी-डंडे लेकर घुस गये। महिलाओं से गाली-गलौज कर अभद्रता की।
पुलिस अधिकारियों को तहरीर दी मगर कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित ने आयोग को भेजे अपने प्रार्थना-पत्र में कहा कि थाना हाफ़िजगंज पुलिस कोर्ट के आदेशों एवं अनुसुचित जाति एवं जन -जाति अधिनियम के अन्तर्गत पहले रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना नहीं कर रही है जो की कोर्ट के आदेशों के विपरीत है। डेढ़ साल गुजर जाने के बाद पीड़ित न्यायालय की शरण में गया तो न्यायालय के आदेशों पर हरपाल यादव , पिन्टू , झम्मन लाल , जितेंद्र कुमार शर्मा के खिलाफ एससी/एस टी एक्ट के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
