बाराबंकी: पूर्व केन्द्रीय मंत्री की बहू का ब्लॉक प्रमुख बनना तय, भाजपा को लगा झटका
बाराबंकी। बाराबंकी जिले में होने वाले ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव के लिये सत्ताधारी पार्टी भाजपा के नेताओं की किरकिरी जारी है। एक तरफ जहां विकास खण्ड बंकी में भाजपा नेता ने अपना कोई अधिकृत प्रत्याशी न खड़ा करके सपा के विधायक सुरेश यादव की पत्नी आशा देवी को र्निविरोध ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर …
बाराबंकी। बाराबंकी जिले में होने वाले ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव के लिये सत्ताधारी पार्टी भाजपा के नेताओं की किरकिरी जारी है। एक तरफ जहां विकास खण्ड बंकी में भाजपा नेता ने अपना कोई अधिकृत प्रत्याशी न खड़ा करके सपा के विधायक सुरेश यादव की पत्नी आशा देवी को र्निविरोध ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर कब्जा करने के लिये हरी झण्डी दे दी, तो वहीं दूसरी तरफ शुक्रवार को नाम वापसी के दिन भाजपा प्रत्याशी ने अपना नाम वापस लेकर सपा के पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. बेनी प्रसाद वर्मा की पुत्रवधू को भी ब्लाक प्रमुख बनाने का रास्ता साफ कर दिया।
जानकारी के अनुसार, बाराबंकी जनपद में कुल 15 विकास खण्ड हैं इन विकास खण्डों में 14 विकास खण्ड पर भाजपा ने अपने अधिकृत प्रत्याशी घोषित किये थे। जबकि सपा ने भी इतने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे थे। शहर से सटी विकास खण्ड बंकी की सीट पर भाजपा ने कोई भी प्रत्याशी नहीं घोषित किया था। भाजपा नेताओं ने जो उम्मीद इस सीट पर पाल रखी थी और जो सपना सजोया था वह सपना उनका नामांकन वाले दिन ही चकनाचूर हो गया। गुरुवार को हुए नामांकन में सिर्फ समाजवादी पार्टी के सदर विधायक सुरेश यादव की पत्नी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था।
नामांकन का समय समाप्त होने के बाद जब दूसरा कोई नामांकन नहीं हुआ तो सपा विधायक और उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गयी थी। चर्चा यह थी कि सुरेश यादव के छोटे भाई धर्मेन्द्र यादव के पुत्र लकी यादव अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे और भाजपा के नेता और कार्यकर्ता गुप्त रुप से लकी का समर्थन करेंगे। लेकिन जब लकी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया उसके बाद सपा विधायक की पत्नी आशा देवी का र्निविरोध ब्लाक प्रमुख बनना तय हो गया। शुक्रवार को नाम वापसी का दिन है और ऐसे में भाजपा को दूसरा करारा झटका लगा।
विकास खण्ड सिरौलीगौसपुर में भाजपा ने सपना चौहान को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित करके पूर्व केन्द्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा की पुत्रवधू रेनू वर्मा के विरुद्ध चुनाव मैदान में उतारा था। गुरुवार को दोनो लोगों ने नामांकन किया था। सपना चौहान के नामांकन में भाजपा विधायक शरद अवस्थी के अलावा कई अन्य दिग्गज भाजपा नेता शामिल हुए थे। सभी लोग यह कयास लगा रहे थे कि 10 जुलाई को जब मतदान होगा और मतगणना होगी तो उस दौरान कहीं स्व. पूर्व केन्द्रीय मंत्री के परिजनों को कई जोर का झटका न लगे।
लेकिन शनिवार को नाम वापसी के दिन झटका सपा को तो नही लगा हां भाजपा को जरुर लग गया। भाजपा प्रत्याशी सपना चौहान ने आज ब्लाक मुख्यालय पर जाकर अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। भाजपा प्रत्याशी सपना चौहान का आरोप था कि भाजपा के नेता उनका कोई सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसी कारण उन्होंने यह कदम उठाया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से भाजपा नेताओं के होश उड़ गए। लगभग ढाई बजे सपा कार्य कर्ताओं के साथ भाजपा उम्मीदवार सपना चौहान ब्लाक सिरौलीगौसपुर पहुंच कर चुनाव अधिकारी एसडीएम सुरेंद्र पाल को अपना नामांकन वापस लेने का पत्र सौंपा।
इसी के साथ सपा उम्मीदवार रेनू वर्मा निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बन गई। सपा उम्मीदवार के निर्विरोध चुने जाने पर सपा कार्यकर्ताओं मे खुशी की लहर दौड़ गई। इसके बाद सपना चौहान पूर्व मंत्री राकेश वर्मा के समक्ष चुनाव कार्यालय पर पहुंची। उनके समाजवादी पार्टी में शामिल होने की घोषणा पूर्व मंत्री राकेश वर्मा ने करते हुए कहा कि सपना चौहान समाजवादी पार्टी में रहकर ब्लाक प्रमुख रेनू वर्मा के साथ क्षेत्र में विकास का काम करेंगी।
भाजपा प्रत्याशी सपना चौधरी ने ली सपा की सदस्यता
विकास खण्ड सिरौलीगौसपुर से भाजपा प्रत्याशी सपना चौहान ने नाम वापसी के बाद सीधे पूर्व मंत्री अरविन्द सिंह गोप के आवास पहुंची और वहां पर उन्होंने सपा की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर बोलते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविन्द सिंह गोप का कहना था कि सपना का निर्णय ऐतिहासिक था। उन्होने सपा में शामिल होकर जिले के भाजपा नेताओं की सारी हकीकत बयान कर दी। श्री गोप ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार के कारनामों से पूरा प्रदेश दुखी है। यहां तक की भाजपा कार्यकर्ता भी अपने वरिष्ठ नेताओं के व्यवहार के कारण पार्टी छोड़ने को मजबूर हैं। इसका जीता जागता उदाहरण सपना चौहान का भी है। पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के दौरान पूर्व विधायक रामगोपाल रावत, हसमत अली गुड्डू, जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
