धर्मांतरण मामला: इंदिरानगर थाने में दर्ज केस की जांच करेगी एटीएस
लखनऊ। इंदिरा नगर थाने में दर्ज धर्मांतरण मामले की जांच भी एटीएस करेगी, जल्द ही थाने से रिपोर्ट मांगी जायेगी। इस संबंध में अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एटीएस यह जानने का प्रयास करेगी कहीं उमर गौतम की तरह यहां भी कोई बड़े स्तर पर गिरोह तो नहीं शामिल है। दरअसल इंदिरा नगर थाने में …
लखनऊ। इंदिरा नगर थाने में दर्ज धर्मांतरण मामले की जांच भी एटीएस करेगी, जल्द ही थाने से रिपोर्ट मांगी जायेगी। इस संबंध में अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एटीएस यह जानने का प्रयास करेगी कहीं उमर गौतम की तरह यहां भी कोई बड़े स्तर पर गिरोह तो नहीं शामिल है। दरअसल इंदिरा नगर थाने में पत्नी ने पति पर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस के मुताबिक धर्मांतरण कराने और जिहाद के नाम पर बरगलाने के मामले में नई-नई बातें सामने आ रही हैं। खुर्रमनगर निवासी उम्मे कुलसूम ने इंदिरानगर थाने में बेंगलुरु निवासी सैयद हसनैन अशरफ व सास शादिया सैयद विलानी के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआइआर दर्ज कराई थी। छानबीन में सामने आया है कि पीड़िता का पति सैयद हसनैन और सास शादिया ने उसे नौ माह की बेटी के साथ घर से निकाल दिया है। हालांकि इस बारे में थाना प्रभारी अजय प्रकाश त्रिपाठी का कहना है कि तहरीर के आधार पर दहेज उत्पीडऩ मारपीट, धमकी और यूपी विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश के तहत एफआइआर दर्ज की गई है।
बेंगलुरू कनेक्शन तलाशेगी एटीएस
आरोपित बेंगलुरु स्थित दरगाह से गिरोह चलाता है। लोगों को जिहाद के नाम पर बरगलाता है। पीड़िता का कहना है कि आरोपित उससे चार हिंदू लड़कियों को धर्मांतरण के लिए लाने का दबाव बना रहा है। महिला के अनुसार आरोपित का कहना है कि हिंदू लड़कियां लाओ, तभी घर में घुसने देंगे। पीडि़ता के मुताबिक 22 दिसंबर, 2019 को उसका निकाह सैयद हसनैन अशरफ से हुआ था। बेंगलुरु में घर के पास ही दरगाह खानकाहे अशरफिया हुसनीया कुतबे में पति सज्जादानशीन है। वहां विदेशी कट्टरपंथी आते हैं। रुपये के लेन-देन के अलावा हथियारों की खरीद-फरोख्त होती है।
सलाउद्दीन की रिमांड बढ़ाने के लिए होगी अपील
वहीं दूसरी ओर उमर गौतम के खास सहयोगी सलाउद्दीन की रिमांड और आगे बढ़ाने के लिए एटीएस अपील कर सकती है। इस संबंध में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि सलाउद्दीन की रिमांड सात दिनों की है जो रविवार को पूरी हो जायेगी। इसलिए आगे की रिमांड के लिए अपील की जा सकती है।
