बरेली: हेपेटाइटिस क्लीनिक में पहले दिन छह मरीजों का इलाज
बरेली, अमृत विचार। शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल में बने हेपेटाइटिस क्लीनिक में शुक्रवार को पहले दिन छह मरीजों को नि:शुल्क परामर्श के साथ ही दवाएं भी दी गईं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार मेडिकल कॉरपोरेशन से जिला अस्पताल स्टोर में दवाएं भेज दी हैं। बरेली के अलावा बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत के मरीजों को …
बरेली, अमृत विचार। शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल में बने हेपेटाइटिस क्लीनिक में शुक्रवार को पहले दिन छह मरीजों को नि:शुल्क परामर्श के साथ ही दवाएं भी दी गईं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार मेडिकल कॉरपोरेशन से जिला अस्पताल स्टोर में दवाएं भेज दी हैं।
बरेली के अलावा बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत के मरीजों को भी दवा दी जाएंगी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार शासन ने हेपेटाइटिस-बी की प्रमुख दवा टीनो फोविर और इंटिकावीर मरीजों को निशुल्क वितरण के लिए भेजी हैं। अभी दो सौ मरीजों के लिए दवा उपलब्ध कराई गई हैं। ऐसे मरीज जिन्हें यह दवा खरीदनी पड़ती है, वे सभी ओपीडी से मुफ्त दवा ले सकते हैं।
अस्पताल प्रशासन ने हेपेटाइटिस मरीजों के लिए ओपीडी का दिन मंगलवार व शुक्रवार निर्धारित किया है। शुक्रवार को जागरूकता की कमी के चलते महज छह मरीज ही पहुंचे। मंडलीय अपर निदेशक व प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. सुबोध शर्मा ने बताया कि ओपीडी के कमरा नंबर सात में हेपेटाइटिस मरीजों के लिए हेपेटाइटिस क्लीनिक की शुरुआत की गई है। अस्पताल प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जिले में 120 मरीज हेपेटाइटिस बी और 80 हेपेटाइटिस सी के हैं। पंजीकृत हेपेटाइटिस मरीजों को अस्पताल का स्टाफ मोबाइल से संपर्क कर क्लीनिक के बारे में जागरूक करेगा।
शासन ने 200 मरीजों के लिए भेजी दवाइयां
शासन स्तर से जिला अस्पतालों को हेपिटाइटिस बी और हेपिटाइटिस सी की दवाएं दी गई हैं। यहां भी जिला अस्पताल में 200 मरीजों की दवा भेजी गई हैं लेकिन जानकारी के अभाव में मरीज नहीं आ रहे हैं। इसके कारण दवाओं को समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। मंडलीय संक्रामक रोग नियंत्रण प्रभारी डा. अखिलेश्वर सिंह के निर्देशन में यह अभियान चलाया जाएगा। अभियान का लक्ष्य हेपिटाइटिस बी और सी से ग्रसित मरीजों को खोजना है।
मरीजों का पंजीकरण किया जाएगा और फिर जिला अस्पताल में नियमित दवा दी जाएगी। शिविर में जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डा. आरके गुप्ता संदिग्ध मरीजों की जांच करेंगे। इस अभियान की तैयारियों को लेकर जिला अस्पताल में एडीएसआईसी डा. सुबोध शर्मा के साथ डा. अखिलेश्वर सिंह और डा. आरके गुप्ता की बैठक हुई। जिसमें अभियान की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग हेपिटाइटिस बी और सी के मरीजों को खोजने के लिए स्पेशल अभियान चलाने जा रहा है। डार्क जोन में संभावित मरीजों की जांच की जाएगी और हेपिटाइटिस की पुष्टि होने पर जिला अस्पताल में उनका इलाज कराया जाएगा। शहर और देहात में एक-एक इलाके का चयन किया जा रहा है। यहां स्पेशल टीम शिविर लगाकर मरीजों को खोज की जाएगी। – डा. सुबोध शर्मा, मंडलीय अपर निदेशक व प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
