बरेली: पोर्टेबल शॉप प्रकरण में पुलिस ने नगर आयुक्त से नौ बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट
बरेली, अमृत विचार। इंदिरा मार्केट में पोर्टेबल शॉप को लेकर हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब नया विवाद शॉप किसने रखी इसको लेकर शुरू हो गया है। लिहाजा, प्रकरण की जांच कर रही कोतवाली पुलिस ने इस मामले की तहकीकात शुरू करने के साथ ही नगरायुक्त को पत्र लिखकर नौ बिंदुओं …
बरेली, अमृत विचार। इंदिरा मार्केट में पोर्टेबल शॉप को लेकर हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब नया विवाद शॉप किसने रखी इसको लेकर शुरू हो गया है। लिहाजा, प्रकरण की जांच कर रही कोतवाली पुलिस ने इस मामले की तहकीकात शुरू करने के साथ ही नगरायुक्त को पत्र लिखकर नौ बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है।
बता दें, 2019 में पोर्टेबल शॉप को लेकर नगर निगम में बड़ा बखेड़ा हुआ था। तत्कालीन नगरायुक्त सैमुअल पॉल एन ने इस मामले में तमाम धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करायी थी। इस प्रकरण की जांच पड़ताल एक बार फिर शुरू हुई तो कोतवाली पुलिस ने इस मामले में नगरायुक्त को एक बार फिर से पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है विवेचना में आपके द्वारा बिंदु संख्या 1 से 19 तक मांगी गई सूचना में 1 से 13 तक की सूचना थाना कोतवाली को प्रेषित की गई है।
बिंदु एक में अंकित किया है इंदिरा मार्केट में जो पोर्टेबल शॉप लगी है वह नगर निगम ने नहीं लगाई है। अगर ऐसा है तो पोर्टेबल शॉप किस माध्यम से इंदिरा मार्केट में लगी है। बिंदु संख्या दो में अंकित किया गया है कार्यालय नगर निगम में कोई पत्रावली संचालित नहीं है, जबकि इंदिरा मार्केट में पोर्टेबल शॉप के प्राप्त कर्ताओं ने नगर निगम बरेली शहरी पथ विक्रेता पंजीकरण वाली 200 रुपये की रसीद दिखाई है।
नगर निगम ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि पोर्टेबल शॉप में व्हील होना चाहिए जिससे दुकानों को आसानी से हटाया जा सके। किंतु इंदिर मार्केट की दुकानों में व्हील नहीं लगे हैं तो यह दुकानें पोर्टेबल शॉप की श्रेणी में आएगी या नहीं। पुलिस ने पत्र में लिखा है नगर निगम से 119 फड़ किराये पर आवंटित है। इस स्थल पर 241 में 119 फड़ वालों को समायोजित करते हुए शेष दुकानें 122 अन्य लोगों के बिना आवंटन प्रक्रिया अपनाए दुकानें दी गई।
मार्केट मार्ग के दाहिने तरफ 127 व बाएं तरफ 114 दुकानें लगी है। आवंटन की प्रक्रिया नगर निगम ने नहीं की तो फिर आवंटन किस विभाग से संचालित की गई। डूडा ने अपनी रिपोर्ट में अंकित किया है कि पोर्टेबल शॉप से डूडा का कोई संबंध नहीं है। इंदिरा मार्केट नगर निगम के राजस्व में आता है। पत्र में ये भी लिखा है कि नगर निगम 119 फड़ों से किराया नहीं लेता है क्योंकि वेंडिंग पोलिसी के तहत वेंडिंग जोन है।
अगर इंदिरा मार्केट वेंडिंग जोन है तो पोर्टेबल शॉप अतिक्रमण में आती हैं। इंदिरा मार्केट की पोर्टेबल शॉप नगर निगम की जमीन पर है या राजस्व विभाग, पीडब्ल्यूडी की जमीन क्षेत्र में आती है। पुलिस ने इन तमाम बिंदुओं पर सूचना मांगी है। पत्र मिलने के बाद नगर निगम के अधिकारी फाइलें खंगालने में जुट गए हैं।
इंदिरा मार्केट में पोर्टेबल शॉप से संबंधित तमाम जानकारियां कोतवाली पुलिस को दी जा चुकी है। जो भी फाइलों में है उसको देखकर रिपोर्ट बनाई है। अब जो जानकारी मांगी गई हैं उसे देखकर सोच विचार किया जाएगा। -अजीत कुमार सिंह, अपर नगरायुक्त
