चीन,रूस और भारत आतंकवाद से लड़ने में हमारी मदद करेंः अफगानिस्तान
काबुल। अफगानिस्तान ने कहा है कि चीन, भारत और रूस उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की बजाय आतंकवाद से लड़ने में हमारे सुरक्षाबलों का सहयोग करें। अफगानिस्तान में तालिबान के बढ़ते वर्चस्व ने रूस और चीन जैसी महाशक्तियों के माथे पर भी बल डाल दिया है। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा …
काबुल। अफगानिस्तान ने कहा है कि चीन, भारत और रूस उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की बजाय आतंकवाद से लड़ने में हमारे सुरक्षाबलों का सहयोग करें।
अफगानिस्तान में तालिबान के बढ़ते वर्चस्व ने रूस और चीन जैसी महाशक्तियों के माथे पर भी बल डाल दिया है। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा अमेरिकी फौजों को अफगानिस्तान से वापस बुलाने के बाद ज्यादातर हिस्सों में तालिबान की पकड़ बढ़ती जा रही है। इन देशों को इस बात की चिंता सताने लगी है कि तालिबान के उभार से आतंकवाद का खतरा बढ़ सकता है।
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हमदुल्ला मोहिब ने एक न्यूज चैनल से कहा कि हमें एक महाशक्ति को दूसरे के साथ बदलने की आवश्यकता नहीं है। शांति और स्थिरता तभी संभव है जब एक-दूसरे का सहयोग करें। हम विदेशी शक्तियों से आतंकवाद से लड़ने में अपने सुरक्षा बलों को सहयोग करने की अपील करते हैं। वे हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करें। हम निश्चित रूप से चीन, भारत और रूस सहित सभी विदेशी शक्तियों की तकनीकी सहायता का स्वागत करते हैं।
