बरेली: अंदर जाने पर लगा प्रतिबंध तो फोन करके बाबूओं से काम करा रहे दलाल
बरेली, अमृत विचार। दलालों के हटाने के बाद अब फिर से उन्होंने संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के बाहर अपना डेरा जमा लिया है। सख्ती कर परिवहन कार्यालय के बाहर खदेड़े गए दलाल अब कार्यालय में प्रवेश पाने के लिए फिर से जुगाड़ ढूंढ रहे हैं। शनिवार और रविवार को छुट्टी के बाद सोमवार को दफ्तर …
बरेली, अमृत विचार। दलालों के हटाने के बाद अब फिर से उन्होंने संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के बाहर अपना डेरा जमा लिया है। सख्ती कर परिवहन कार्यालय के बाहर खदेड़े गए दलाल अब कार्यालय में प्रवेश पाने के लिए फिर से जुगाड़ ढूंढ रहे हैं। शनिवार और रविवार को छुट्टी के बाद सोमवार को दफ्तर खुला तो दलाल अंदर नहीं दिखे मगर उनकी दुकानें बाहर सजी मिलीं। इस दौरान अधिक ग्राहकों के आने की उम्मीद में तमाम दलाल फोन पर ही कर्मचारियों से बातचीत कर सेटिंग की जुगाड़ में नजर आए। इस दौरान दफ्तर में घुसने वाले लोगों से पूछताछ कर संदिग्ध लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया गया।

आरटीओ के बाहर जमे दलालों को खदेड़ने के लिए बुधवार को की गई कार्रवाई का असर पांच दिन बाद ही खत्म हो गया। बीते बुधवार देर रात तक चली कार्रवाई में जेसीबी से दलालों के सारे अड्डे ध्वस्त कर दिए गए थे लेकिन अब सोमवार की सुबह से ही दलाल फिर आरटीओ ऑफिस के बाहर डेरा जमाए नजर आए। उन पर कार्रवाई का कोई खौफ नहीं दिखा। रोज की तरह दलाल लोगों से जल्दी काम कराने के नाम पर पैसे वसूलते दिखे। हालांकि कार्यालय के बाहर खाली पड़ी जमीन में जेसीबी से गड्ढे कर दिए जाने की वजह से दलालों को अपने अड्डे जरूर बदलने पड़े। दलालों ने वहां फड़ तो नहीं लगाए, लेकिन इधर-उधर बैठकर अपना धंधा करते रहे। दिन में कई बार परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने दलालों को वहां से हटाया भी, लेकिन दलाल फिर आकर जम गए। कार्यालय में आवेदकों को उनके कागजात देखने के बाद ही प्रवेश दिया गया। चेकिंग के लिए अलग-अलग शिफ्ट में दिनभर गार्ड के साथ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई।

खाली प्लाट में चहल-पहल
आरटीओ के बाहर कुर्सी-मेज पर दुकानें लगने के साथ ही पड़ोस में खाली पड़े प्लाट में फिर से बस्ते लग गए हैं। इससे प्लाट में भी चहल-पहल शुरू हो गई। जिसे गुरूवार को आरटीओ और एआरटीओ ने खाली-प्लाट में छापा मारकर खदेड़ा था लेकिन अब फिर से दलाल सक्रिय हो गए है। अमृत विचार की टीम ने जब उनके फोटो अपने कैमरे में कैद किए तो वह सामान समेटकर भागने लगे।

आरटीओ में कम दिखी भीड़
आमतौर पर रविवार की छुंट्टी के बाद अगले दिन आरटीओ में खासी भीड़ पहुंचती है लेकिन सोमवार को कम ही लोग दफ्तर पहुंचे। इस पर लोग यही कहते नजर आए कि दलालों पर रोक लगने और ठंड अधिक होने के चलते आज लोग कम आए। फीस काउंटर, फिटनेस काउंटर हो या फिर रजिस्ट्रेशन संबंधी काउंटर। सभी स्थानों पर इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए। दिन भर में 100 से अधिक लोगों ने लाइसेंस के लिए ऑनलाइन टेस्ट दिया।

वैक्सीन लगवाने को रही होड़
आरटीओ में सोमवार को वैक्सीन लगवाने वालों की होड़ रही। लंबी लाइन में लोग वैक्सीन लगवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। अधिकारियों ने बिना वैक्सीन लगे किसी भी काम करने से रोक लगा दी है। उसके बाद से ही लगातार 250 से अधिक लोग आरटीओ में लगे वैक्सीनेशन कैंप में टीका लगवाने के लिए उमड़ रहे हैं।
पहले भी हुई कार्रवाई, लेकिन कोई असर नहीं
आरटीओ के बाहर बैठने वाले दलालों को खदेड़ने के लिए पहले भी सैकड़ों बार अभियान चला है। हर बार कार्रवाई के कुछ समय बाद ही ये लोग फिर से कब्जा जमा लेते हैं। पिछले साल खाली जमीन में गड्ढे करवाने के बाद वहां पेड़ लगवाने की योजना बनाई गई, लेकिन इस पर अमल नहीं हो सका। लिहाजा दलालों ने वहां फिर से अड्डे बना लिए।
एआरटीओ प्रशासन आरपी सिंह ने बताया कि कार्यालय के अंदर दलालों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है। दलाल पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई भी करवाई जा सकती है। कार्यालय में उनके प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है।
