बरेली: जिला अस्पताल में इलाज से पर्चे से दस गुना महंगी पार्किंग

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बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल में इलाज से ज्यादा मरीजों को पार्किंग का शुल्क चुकाना पड़ता है। उस सरकारी अस्पताल में जहां लोग मुफ्त इलाज की आस लेकर आते हैं। जिला अस्पताल में डाक्टर को दिखने की ओपीडी फीस जहां सिर्फ एक रुपये है। वहीं कार की पार्किंग के लिए मरीज को 10 से 20 रुपये …

बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल में इलाज से ज्यादा मरीजों को पार्किंग का शुल्क चुकाना पड़ता है। उस सरकारी अस्पताल में जहां लोग मुफ्त इलाज की आस लेकर आते हैं। जिला अस्पताल में डाक्टर को दिखने की ओपीडी फीस जहां सिर्फ एक रुपये है। वहीं कार की पार्किंग के लिए मरीज को 10 से 20 रुपये तक चुकाने पड़ते हैं। टैंपों या अन्य व्यवासयिक वाहन से कोई किसी मरीज को छोड़ने आ गया तो पार्किंग के उसे भी 20 रुपये चुकाने पड़ते हैं। बाइक-स्कूटर के लिए मरीजों से जहां 10 रुपये की उगाही होती है।

जिला अस्पताल प्रशासन की नाक के नीचे चल रही पार्किंग में चल रही खुलेआम वसूली से मरीज और तीमारदार परेशान हैं। सरकारी अस्पताल में जहां बीपीएल कार्ड धारक, स्वतंत्रता सेनानी, गर्भवती महिलाएं समेत सामान्य नागरिकों के लिए जहां निशुल्क इलाज की व्यवस्था है। वहीं मरीजों या इनके तीमारदारों को यहां साइकिल, बाइक या कार खड़ी करने के लिए ठेकेदार की अवैध वसूली का शिकार होना पड़ता है।

इसके अलावा लोग सरकारी अस्पताल में सस्ते इलाज और मुफ्त इलाज की आस से आते हैं। जबकि एक ओर जहां एचआईवी, मलेरिया, डेंगू, टीबी जैसे बीमारियों की जांच और इलाज मुफ्त हैं। अस्पताल में यूरीन शुगर सहित कई अन्य जांचें निशुल्क होती हैं। साइकिल सवार से भी पांच रुपये वसूल लिए जाते हैं।

वैक्सीनेशन कराने आए लोगों से भी अवैध वसूली
जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में वैक्सीनेशन कराने आए लोगों से अवैध वसूली का मामला एडीएसआईसी तक पहुंचा तो उन्होंने कार्यालय बुलाकर स्टैंड संचालक को फटकार लगाई है। उन्होंने बताया कि गुबंद वाली बिल्डिंग में स्टैंड की दीवार पर ही वैक्सीनेशन कराने आए लोगों के लिए निशुल्क पार्किंग की सुविधा की वाल पेंटिंग भी बनाई जाएगी।

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