High Court: यूपी में शिक्षक स्थानांतरण को लेकर किया बड़ा फैसला
प्रयागराज। शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण को लेकर निर्णय लेते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि शारीरिक रूप से अक्षम शिक्षक मनचाहे जिले में नियुक्ति होने पर भी अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग कर सकता है। न्यायालय ने उक्त आदेश शारीरिक रूप से अक्षम शिक्षिका शोभा देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याची …
प्रयागराज। शिक्षकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण को लेकर निर्णय लेते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि शारीरिक रूप से अक्षम शिक्षक मनचाहे जिले में नियुक्ति होने पर भी अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग कर सकता है। न्यायालय ने उक्त आदेश शारीरिक रूप से अक्षम शिक्षिका शोभा देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
याची की ओर से बताया गया कि उसके पति चित्रकूट में स्वास्थ्य विभाग में तैनात हैं और उनका बेटा जन्म से ही हृदय रोग से पीड़ित है,जिसका ऑपरेशन हुआ है। इसके अलावा याची खुद भी शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण मनचाहे जिले सोनभद्र से चित्रकूट ट्रांसफर चाहती हैं। इस बाबत उसने नियमानुसार ऑनलाइन आवेदन भी किया था, लेकिन उसका आवेदन बिना किसी कारण बताए 31 दिसंबर 2020 को विभाग के द्वारा रद्द कर दिया गया।
जिसके बाद याची ने इस आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल किया। उक्त याचिका पर न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी की एकल पीठ ने आदेश पारित करते हुए कहा कि 2 दिसंबर 2019 के शासनादेश और सहायक अध्यापक सेवा नियमावली के नियम 8(2) डी के अंतर्गत विशेष परिस्थितियों में अंतर्जनपदीय तबादले की मांग की जा सकती है। महिलाओं को नियम में इसके लिए छूट भी दी गई है।
