हल्द्वानी: एसटीएच में नए एमएस के चयन में एमसीआई की नियमावली आ रही आड़े, पद एक दावेदार कई

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में नए एमएस की नियुक्ति को लेकर ऊहापोह जारी है। कई दावेदार सामने आने की वजह से यह दिक्कत खड़ी हुई है। बताया जा रहा है कि अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन एमसीआई की नियमावली के आधार पर चयन करने पर विचार कर रहा है। एसटीएच के निवर्तमान एमएस …

नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में नए एमएस की नियुक्ति को लेकर ऊहापोह जारी है। कई दावेदार सामने आने की वजह से यह दिक्कत खड़ी हुई है। बताया जा रहा है कि अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन एमसीआई की नियमावली के आधार पर चयन करने पर विचार कर रहा है।

एसटीएच के निवर्तमान एमएस डा. अरूण जोशी ने सोमवार को प्राचार्य का दायित्व संभाल लिया है। अब एसटीएच में नए एमएस के नियुक्ति की तैयारी चल रही है। पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि इस मामले पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा लेकिन नए प्राचार्य के पास करीब नौ लोगों ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर दी है। अब नए प्राचार्य के सामने दिक्कत खड़ी हो गई है कि किसको एमएस बनाया जाए। इस वजह से तीन से चार दिन पहले तक एमएस के पद के लिए जिनके नाम ऊपर चल रहे थे अब उन नामों पर भी संशय बन गया है। ऐसी स्थिति को देखते हुए अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन नया तरीका अख्तियार कर रहा है।

दावेदारों को बताया जा रहा है कि एमएस के पद पर नियुक्ति अब मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों तहत की जाएगी। इसलिए नियमावली का अध्ययन किया जाएगा और उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि अगर वास्तव में ऐसा किया जाता है तो कई दावेदार इस दावेदारी से बाहर हो सकते हैं। हालांकि इसमें भी पेंच है। मेडिकल कॉलेज के सूत्रों से पता चला है कि दावेदारों ने एमसीआई के तहत एमएस पद पर चयन को लेकर एतराज जताया है और कहा है कि जब प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा विभाग है तो एमसीआई की नियमावली क्यों देखी जा रही है।

साथ ही इस आधार पर चयन प्रक्रिया में एक और दिक्कत आएगी। एमसीआई की नियमावली के तहत मेडिकल कॉलेज के अधीन अस्तपाल के एमएस का वेतनमान काफी ज्यादा होता है जबकि उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा मेडिकल कॉलेज के अधीन अस्तपाल के एमएस को अपेक्षाकृत कम वेतन दिया जाता है। इसलिए दावेदारों का कहना है कि अगर एमएस के चयन के लिए एमसीआई की नियमावली को आधार बनाया जा रहा है तो वेतनमान भी एमसीआई के नियमों के आधार पर ही दिया जाए। जो कि असंभव है।

हाईकोर्ट जाने की भी तैयारी
हल्द्वानी। अगर मेडिकल कॉलेज प्रशासन एमसीआई के नियमों के आधार पर एसटीएच के एमएस के चयन पर अड़ा रहा तो कुछ दावेदार कोर्ट भी जा सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो इससे मेडिकल कॉलेज की छवि खराब होगी। बताया जा रहा है कि मामले को जल्द सुलझाने के लिए नए प्राचार्य पर उच्चाधिकारी भी दबाव बना रहे हैं।

नियमों के आधार पर एसटीएच के नए एमएस का चयन होगा। जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।

– डाॅ. अरूण जोशी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी

एमएस के चयन के लिए योग्यता और वेतनमान
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अनुसार मेडिकल कॉलेज के अधीन एमएस के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज से स्नातकोत्तर की उपाधि और 10 साल का अनुभव होना जरूरी है। साथ ही एमएस को 15600 से 39100 वेतन मिलता है और ग्रेड पे 6600 होता है।

संबंधित समाचार