मुरादाबाद : डेंजर लेवल के पास पहुंचा रामगंगा का पानी, तबाही मचाने को तैयार
मुरादाबाद,अमृत विचार। दो दिन हुई बारिश में ही रामगंगा नदी का जलस्तर इतना बढ़ा कि अब तबाही मचाने को तैयार है। मौजूदा समय में यह कटघर क्षेत्र में रेलवे पुल पर डेंजर लेवल के पास पहुंच गया है। इस कारण नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी में आए उफान …
मुरादाबाद,अमृत विचार। दो दिन हुई बारिश में ही रामगंगा नदी का जलस्तर इतना बढ़ा कि अब तबाही मचाने को तैयार है। मौजूदा समय में यह कटघर क्षेत्र में रेलवे पुल पर डेंजर लेवल के पास पहुंच गया है। इस कारण नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी में आए उफान ने अभी से ही भोजपुर थाना क्षेत्र के कई गांवों में दस्तक देना शुरू कर दी है।

सड़क पर तेज बहाव के साथ बहने वाले पानी के कारण जहां एक दर्जन गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है, वहीं सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। लोग जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को विवश हो रहे हैं।
इस्लामनगर चौराहा से भोजपुर थाने की ओर जाने वाले मार्ग पर हल्की बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। इस मार्ग पर आने वाले गांव काफिराबाद, अक्का, खैय्या गद्दर, शाहपुर, गनीमत नगर, अहमद नखानपुर, घोसीपुरा, इस्लामनगर और पीपलसाना गांव के ग्रामीणों को हर साल बारिश का दंश झेलना पड़ता है। इसकी वजह है कि हल्की बारिश या फिर पहाड़ों से आने वाले पानी के कारण रामगंगा नदी सबसे पहले इन गांवों को अपनी चपेट में लेती है। कमोवेश इस वर्ष भी इन गांवों के लोगों को बाढ़ का दंश झेलना तय है।
सड़क पर आ गया नदी का पानी, फसलें हुई जलमग्न
इस बार भी हल्की बारिश के बाद नदी में आए उफान ने इन गांवों में दस्तक देनी शुरू कर दी है। बुधवार को इस्लामनगर चौराहे से भोजपुर थाने की ओर जाने वाले इस मार्ग पर अक्का गांव के पास सड़क पर पानी का तेज बहाव आ गया। सड़क कटने के कारण पानी घुटनों के ऊपर चल रहा है। इस कारण पैदल व बाइक से निकलना दुश्वार हो गया है। बहाव इतना तेज है कि जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। सड़क के दोनों और सैकड़ों बीघा फसल पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने से धान की फसल का बर्बाद होना तय है।
राहगीरों को ट्रैक्टर से पार करा रहे सड़क
एक दर्जन गांवों को जोड़ने के साथ ही उत्तराखंड की ओर से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह मार्ग काफी सुगम है। इस मार्ग से आने के कारण करीब 10 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाने से राहगीर बच जाते हैं। इस कारण देर शाम तक सड़क पर वाहनों की चहल-कदमी रहती है। बुधवार को भी राहगीर निकले तो पानी का बहाव देख कर ठिठक गए। इस बीच कुछ बाइक सवारों ने वाहन निकालने का प्रयास किया तो वे बीच धार में जाकर फंस गए। गनीमत रही कि वहां पर मौजूद युवाओं ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद कुछ ग्रामीण ट्रैक्टर लेकर आ गए, फिर दिन भर ट्रैक्टर में बाइक व उनके सवारों को लाद कर सड़क पार कराई गई। इसके एवज में उन्होंने प्रति बाइक 20 रुपये भी वसूले। इस दौरान अक्का व इस्लाम नगर की ओर से आने वाले कार चालकों को ग्रामीणों ने सड़क पर पानी आने का हवाला देकर दूसरे मार्ग से रवाना किया।
मंगलवार को दो बच्चों को डूबने से बचाया
बाढ़ का यह पानी मंगलवार को जानलेवा साबित हो सकता था। ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार को बहाव काफी कम था। लेकिन, निकासी की सही व्यवस्था न होने के कारण दोनों तरफ के खेतों में काफी पानी था। इस बीच अक्का गांव में रहने वाले छह साल का अमष एक अन्य बालक के साथ सड़क पर नहाने पहुंच गया। नहाते समय अचानक दोनों खेतों में भरे गहरे पानी में चले गए। इस बीच वहां उपस्थित युवकों की दृष्टि उन पर पड़ गई। दो युवकों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला। सूचना पर उनके परिजन भी आ गए। ग्रामीणों का कहना था कि करीब दो साल पहले इसी तरह शमशाद नाम का किशोर भी गहरे पानी में जाने के कारण डूब गया था। उसकी मौत हो गई थी।
डेंजर जोन के निकट पहुंची रामंगगा, अभी और मचेगी तबाही
दो दिन की बारिश के बाद ही रामगंगा नदी का पानी डेंजर जोन के निकट पहुंच गया है। कंट्रोल रूम से मिले आंकड़ों के अनुसार डेंजर जोन 190 मीटर पर है, जबकि जल स्तर 189 मीटर तक पहुंच गया है। यह आलम तब है, जब बारिश के बाद नालों का पानी आने से जलस्तर में उछाल आया है। यानि भीषण बारिश के बाद पहाड़ों से आने वाले पानी के कारण तबाही मचना तय है।
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया है कि कटघर गेज पर पानी खतरा के निशान के एक मीटर नीचे है। नदी तट के गांवों में पानी पहुंचने की जानकारी कराई जा रही है। तहसीलवार बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गईं हैं। शहरी गौर ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को सतर्क कराया जाएगा। पहाड़ों में बारिश की वजह से अचानक रामगंगा का जल स्तर बढ़ा है।
लोगों ने बयां की पीड़ा
हर साल एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों को बाढ़ का दंश झेलना पड़ता है। इससे हमारी सैकड़ों बीघा फसल खराब हो जाती है, वहीं जान का भी खतरा बना रहता है।-आसिफ, अक्का
अभी तो शुरुआत है। भीषण बारिश के बाद खेतों से लेकर गांव तक जलमग्न हो जाते हैं। जिला मुख्यालय से हमारा संपर्क टूट जाता है। खेतों में भरने वाले पानी के कारण धान की फसल चौपट होना तय है।-मोहम्मद दानिश, शाहपुर
मंगलवार को दो बच्चे नहाने आए थे। अचानक वे गहरे पानी में चले गए। मैं मौके पर था, दोस्त के साथ पानी में कूदकर दोनों बच्चों को बमुश्किल सुरक्षित बाहर निकाला। -नाजिम, अक्का
दरअसल इस मार्ग पर पानी की निकासी के लिए बने 10 बंधे पूरी तरह से जाम हैं। उन से पानी न निकल पाने के कारण सड़क पर पानी आ जाता है। तेज बारिश होने के बाद हालात और भी बदतर हो जाएंगे। -मुजीब, खैय्या गद्दर
