टनकपुर: अमोड़ी और भारतोली में आए मलबे के कारण फिर हुआ मार्ग बंद
अमृत विचार,टनकपुर। टनकपुर पिथौरागढ़ मार्ग महज कुछ घंटे खुलने के बाद एक बार फिर से बंद हो गया है। इस मार्ग में पर्वतीय और मैदानी क्षेत्र को जाने वाले सैकड़ों यात्री मार्ग में फंसे हुए हैं। इधर पिछले 6 दिनों से टनकपुर पूर्णागिरि मार्ग के हनुमान चट्टी पर गिरे बड़े बोल्डर को अभी तक नहीं …
अमृत विचार,टनकपुर। टनकपुर पिथौरागढ़ मार्ग महज कुछ घंटे खुलने के बाद एक बार फिर से बंद हो गया है। इस मार्ग में पर्वतीय और मैदानी क्षेत्र को जाने वाले सैकड़ों यात्री मार्ग में फंसे हुए हैं। इधर पिछले 6 दिनों से टनकपुर पूर्णागिरि मार्ग के हनुमान चट्टी पर गिरे बड़े बोल्डर को अभी तक नहीं हटाया जा सका है।साथ ही इसी मार्ग के बाटनागाड में आए मलबे और पत्थरों को अभी साफ नहीं किया जा सका है। इधर पूर्णागिरि क्षेत्र में पिछले कई दिनों से पानी और बिजली व्यवस्था ठप होने से क्षेत्र के लोगों को भारी दिक्कतों से दो-चार होना पड़ रहा है।
35 घंटे पूरे एनएच मार्ग बंद होने के बाद बुधवार के शाम 6:15 बजे खुल पाया, लेकिन इसके कुछ घंटों बाद यह मार्ग फिर जगह-जगह मलवा और पत्थर आने से दोबारा बाधित हो गया। गुरुवार को100 से अधिक वाहनों में 200 के करीब यात्री मार्ग में ही फंस गए। गुरुवार को आठ बजे अमोड़ी के पास पहाड़ी दरकने के सड़क का बड़ा हिस्सा मलबे से पट गया। तीन दिन से बंद 18 ग्रामीण सड़कों पर अभी भी आवागमन सुचारू नहीं हो पाया है। वही टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग पर घाट पुल के भारतोली के पास मलबा आने से भी घंटों तक वाहन और यात्री फंसे रहे।
टनकपुर-चंपावत एनएच के टिपिनटॉप से लेकर घाट तक यात्रा करना खतरनाक हो गया है। फिर भी सड़क खुलते ही लोग जान की परवाह किए बिना यात्रा कर रहे हैं। गुरुवार की सुबह आठ बजे करीब चम्पावत-पिथौरागढ़ हाईवे पर अमोड़ी से 500 मीटर आगे चम्पावत की ओर पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरक कर सड़क पर आ गया।
जिसके कारण स्वाला, धौन, झालाकुड़ी व सिन्याड़ी बैंड पर भी मलबा आने के कारण आवागमन बंद हो गया है। एनएच के ईई एलडी मथेला ने बताया कि एनएच को सुचारू करने का काम चल रहा है। भारतोली के पास सड़क खोल दी गई है। तेज बारिश और उपर से गिर रहे मलबे और पत्थरों के कारण मलबा हटाने में दिक्कत हो रही है।
दोपहर में लोहाघाट-चम्पावत मार्ग पर तिलौन के पास बड़ी मात्रा में मलबा गया, जिससे डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित रहा। सड़क बंद होने की सूचना पर गुरुवार की सुबह एसडीएम सदर अनिल गब्र्याल, तहसीलदार ज्योति नपच्याल ने धौन जाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने एनएच के अधिकारियों को जल्द सड़क खोलने के निर्देश दिए। वही पूर्णागिरि मार्ग के हनुमान चट्टी के पास 6 दिन पूर्व गिरे बड़े बोल्डर को अभी तक लोनिवि द्वारा नहीं हटाया जा सका है साथ ही बांटनागाड़ में भी बड़े पत्थर और मलबा आ गया है, जिससे मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है।
पूर्णागिरि क्षेत्र में पानी और बिजली की सेवा भी ठप हो गई है जगह-जगह विद्युत तार टूट जाने से पूर्णागिरि क्षेत्र के लोग अंधकार में जी रहे हैं। अभी भी पूर्णागिरि क्षेत्र के भैरव मंदिर टैक्सी स्टैंड पर मार्ग न खुलने से दर्जनों वाहन फंसे हुए हैं। इधर, टनकपुर के उप जिलाधिकारी हिमांशु कफलटिया ने बताया कि बाटनागाड़ पर मलबा आ जाने से हनुमान चट्टी में बोल्डर को तोड़ने के लिए मार्ग न होने से दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि बाटनागाड़ में जेसीबी मशीन से मलबा और पत्थर को हटाया जा रहा है।
गोशाला में गिरे मलबे से नौ मवेशी दबे, एक गाय की मौत
गुरुवार की सुबह पांच बजे पाटी तहसील के भिंगराड़ा के तल्ली खरही गांव में महेश नाथ गोस्वामी की गौशाला में मलबा आ जाने से नौ मवेशी दब गए। इनमें से एक जर्सी गाय की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीन गायों, एक बैल और चार बकरियों को निकाल लिया गया है। इन जानवरों को काफी चोटें भी आई है। सूचना के बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर रवाना हो गई है।
देवीधुरा रोड पर भी गिर रहा मलबा
लोहाघाट -हल्द्वानी मोटर मार्ग में वल्का के पास बुधवार की शाम लगभग 6:30 बजे पहाड़ी से मलबा बोल्डर आने से मार्ग बंद हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। सूचना के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने जेसीबी मशीन भेज कर मार्ग को खोल दिया गया है। देवीधुरा, मूलाकोट, पाटी, गर्सलेख आदि स्थानों पर आए मलबे को भी हटा दिया गया है। यहां बता दें कि एनएच बंद होने के कारण यात्री इसी रूट से हल्द्वानी होते हुए जा रहे हैं।
