बरेली: बाहर से आने वाले संक्रमित नहीं दे रहे सही जानकारी
अमृत विचार, बरेली। दूसरे राज्यों से जिले में प्रवेश करने वाले कोरोना संक्रमित स्वास्थ्य विभाग को सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। ट्रैवेल हिस्ट्री से लेकर अन्य जानकारियां छिपा रहे हैं। सटीक जानकारी नहीं होने की वजह से जीनोम सीक्वेंसिंग से लेकर अन्य जांचों में दिक्कत आ रही है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में …
अमृत विचार, बरेली। दूसरे राज्यों से जिले में प्रवेश करने वाले कोरोना संक्रमित स्वास्थ्य विभाग को सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। ट्रैवेल हिस्ट्री से लेकर अन्य जानकारियां छिपा रहे हैं। सटीक जानकारी नहीं होने की वजह से जीनोम सीक्वेंसिंग से लेकर अन्य जांचों में दिक्कत आ रही है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में कोरोना मरीजों की संख्या कम हो गई है। पिछले 20 दिनों से संक्रमितों का आंकड़ा 12 पर आकर सिमट गया है लेकिन दूसरे राज्यों से आने वाले लोग कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं।
जिला सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक कुमार ने बताया कि जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए मरीज की पूरी जानकारी जरूरी होती है। पुरानी बीमारी से लेकर परिवार के सदस्य तक की जानकारी देनी होती है। मरीज की ट्रैवेल हिस्ट्री, उसके संपर्क में आने वाले लोगों के नाम, वह किस रास्ते से आया आदि की भी जानकारी देनी होती है। जबकि अधिकतर मरीज इन जानकारियों को साझा नहीं कर रहे हैं। जबकि, शासन से निर्देश हैं कि मुंबई, केरल, त्रिपुरा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से आने वाले लोग यदि पॉजिटिव मिलते हैं, तो उनकी जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच कराई जाए। जिससे स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस व्यवस्था भी बेहाल हो गई है।
पिछले पंद्रह दिनों की बात करें तो जिले में 12 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इनके संपर्क में करीब 400 लोग आए, मतलब हर संक्रमित व्यक्ति औसतन 30 लोगों से मिला। जिले का दो साल का कुल कांटेक्ट ट्रेसिंग का औसत महज 12.9 फीसद है। इस दौरान कुल 43,961 कोरोना संक्रमण के मामले मिले, जो करीब 56.55 हजार लोगों से मिले। जिले में सर्विलांस व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हो रही है जबकि 7 से 21 मई के बीच कांटेक्ट ट्रेसिंग करीब 14 फीसद थी।
शासन की ओर से छूट मिलने के बाद पहाड़ों पर घूमने के शौकीन लोग यहां से आरटी-पीसीआर जांच कराकर उत्तराखंड घूमने जा रहे हैं लेकिन वहां से लौटने के बाद सीमाओं पर बिना जांच के ही शहर लौट रहे हैं। दिल्ली व देश के अन्य राज्यों से भी जिले में प्रवेश करने वालों की संख्या कम नहीं है। बावजूद इसके कामचलाऊ जांच हो रही है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है क्योंकि अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण हैं और वह बिना जांच के जिले में दाखिल होकर अन्य लोगों के संपर्क में आया तो संक्रमण तेजी से फैला सकता है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक कुमार जिले में सर्विलांस व्यवस्था दुरस्त करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। बाहर से आने वाले लोग अपनों की सुरक्षा के लिए खुद भी जिम्मेदारी समझकर रिपोर्ट आने तक क्वारन्टाइन रहें।
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