बरेली: पहली बार घर बैठकर छात्र दे सकेंगे प्रवेश परीक्षा
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेखलंड विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा इस बार ऑनलाइन आयोजित होने जा रही है। पहली बार छात्र घर बैठकर कम्प्यूटर, लैपटॉप या फिर मोबाइल से शामिल हो सकेंगे। उनके रजिस्टर्ड डिवाइस पर ही ईमेल से प्रश्न-पत्र भेजा जाएगा, जो पासवर्ड डालने ही खुलेगा। प्रवेश परीक्षा के फॉर्म अगले सप्ताह विश्वविद्यालय …
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेखलंड विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा इस बार ऑनलाइन आयोजित होने जा रही है। पहली बार छात्र घर बैठकर कम्प्यूटर, लैपटॉप या फिर मोबाइल से शामिल हो सकेंगे। उनके रजिस्टर्ड डिवाइस पर ही ईमेल से प्रश्न-पत्र भेजा जाएगा, जो पासवर्ड डालने ही खुलेगा। प्रवेश परीक्षा के फॉर्म अगले सप्ताह विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध हो सकते हैं। जल्द ही प्रवेश परीक्षाओं की तिथियां भी जारी कर दी जाएंगी। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रवेश परीक्षा फॉर्म जल्द उपलब्ध होने की सूचना भी प्रसारित होने लगी है।
विश्वविद्यालय द्वारा एमएससी भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, औद्योगिक रसायन, माइक्रोबॉयोलॉजी, बॉयोटेक्नोलॉजी, एमएड, एलएलएम, एलएलबी और बीएलएड की प्रवेश परीक्षा आयोजित कराई जाती है। अलग-अलग दिनों में होने वाली परीक्षा में करीब 20 हजार अभ्यर्थी शामिल होते हैं। कोरोना की वजह से विश्वविद्यालय पहली बार ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा करा रहा है। जल्द ही इसको लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

प्रवेश परीक्षा देने वाले छात्रों को फॉर्म भरते समय बताना होगा कि वह किस डिवाइस से परीक्षा देंगे। उन्हें ईमेल आईडी भी बतानी होगी। जिस दिन छात्रों की परीक्षा होगी, उसी दिन उन्हें पांच मिनट पहले प्रश्न-पत्र मेल पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। प्रश्न-पत्र तभी खुलेगा, जब छात्र पासवर्ड डालेगा।
छात्र को परीक्षा देते समय अपनी डिवाइस का कैमरा ऑनलाइन रखना होगा। इससे उसकी सर्विलांस की जाएगी। यदि वह किसी से पूछताछ करता है तो उसपर कार्रवाई की जाएगी। कोई छात्र यदि पूछताछ के लिए दूसरी डिवाइस पर प्रश्न-पत्र भेजेगा तो वह नहीं खुलेगा। ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा को लेकर एजेंसी द्वारा डेमो भी दिया जा चुका है।
यह समस्याएं आ सकती हैं
ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के दौरान कई तरह की समस्याएं भी आ सकती हैं। जैसे बहुत से छात्र ऐसे हैं, जो ग्रामीण क्षेत्र से हैं। उनके पास लैपटॉप व कम्प्यूटर नहीं हैं। वे सिर्फ मोबाइल पर ही निर्भर होंगे। बिजली जाने से डिवाइस के डाउन होने से परेशानी हो सकती है। नेटवर्क की समस्या से प्रश्नपत्र डाउनलोड में दिक्कत हो सकती है। यह सभी आशंकाएं कई शिक्षक जता रहे हैं।
