हल्द्वानी: गौलापार के कांग्रेसियों ने जनसमस्याओं को लेकर जताया विरोध, सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौलपार के कांग्रेसियों ने सिंचाई और शहरी विकास विभाग के खिलाफ फिर से आक्रोश जताया है। डीएम से मिलकर जल्द अपनी मांगों को पर कार्यवाही किए जाने की मांग की है। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता हरेंद्र क्वीरा के नेतृत्व में गौलापार के कांग्रेसियों ने विधायक नवीन चंद्र दुम्का व सिंचाई विभाग खंड …
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौलपार के कांग्रेसियों ने सिंचाई और शहरी विकास विभाग के खिलाफ फिर से आक्रोश जताया है। डीएम से मिलकर जल्द अपनी मांगों को पर कार्यवाही किए जाने की मांग की है। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता हरेंद्र क्वीरा के नेतृत्व में गौलापार के कांग्रेसियों ने विधायक नवीन चंद्र दुम्का व सिंचाई विभाग खंड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि लगातार तीन दिनों से भारी बरसात होने की वजह से दानी बंगर एवं शेलाभावर के किसानों को नहरों में धान की खेती के लिए पानी नहीं दिया जा रहा है। सारा का सारा पानी गोला में छोड़ दिया जा रहा है। जबकि गौलापार के अंतिम छोर के किसानों के यहां नहरों के पानी से धान के किसान सिंचाई करते हैं। कहा कि बिजली भी लगातार जा रही है और पूरे गौलापार क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या है। नलकूप ठप है और किसान परेशान हैं।
कहा कि इस समय धान के खेतों में पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं दिया तो धान की खेती खत्म हो जाएगी। इस दौरान जमकर नारेाबाजी भी की गई। इस दौरान मनोज पोडियाल, हेमंत बगडवाल, इंद्रपाल आर्य, अर्जुन सिंह बिष्ट, भगवान सिंह संभल, हरीश चंद्र बेलवाल, तपिश बड़ौला, प्रदीप पौडियाल आदि लोग थे। इधर गौलापार के लोग शनिवार को हल्द्वानी में डीएम कैंप कार्यालय में लगे जनता दरबार में अपनी समस्या लेकर पहुंचे।
जहां उन्होंने जिलाधिकारी धीराज सिंह से क्षेत्र में बन रही शहरी आवासीय योजना को रद्द करने की मांग की है। इसके अलावा पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल के नेतृत्व में क्षेत्रीय लोगों ने सिंचाई विभाग की शिकायत करते हुए कहा कि गौलापार क्षेत्र के सिंचाई नहरों के खराब और बंद हो जाने के चलते खेतों में पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे किसानों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आवासीय योजना को लेकर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवासीय योजना के ग्रामीण इलाकों में बनने से ग्रामीण इलाकों का माहौल खराब होगा साथ ही उपजाऊ भूमि भी बर्बाद होगी। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने सिंचाई नहरों से जुड़े विषय पर डीएम के समक्ष शासन स्तर से बजट न जारी होने और मैनपावर न होने का हवाला दिया।
