LokSabha: हंगामे के बीच बिना चर्चा दो विधेयक हुए पारित, इस तरह मिली मंजूरी
नई दिल्ली। लोकसभा ने सोमवार को राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान विधेयक 2021 को मंजूरी दे दी। इस विधेयक में हरियाणा के कुंडली और तमिलनाडु के तंजावुर स्थित खाद्य प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दो संस्थानों को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देने के प्रावधान वाले शामिल हैं। सदन में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री …
नई दिल्ली। लोकसभा ने सोमवार को राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान विधेयक 2021 को मंजूरी दे दी। इस विधेयक में हरियाणा के कुंडली और तमिलनाडु के तंजावुर स्थित खाद्य प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दो संस्थानों को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देने के प्रावधान वाले शामिल हैं।
सदन में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पशुपति कुमार पारस ने विचार और पारित करने का प्रस्ताव रखा। इस विधेयक के जरिये से इन संस्थानों को अपने शैक्षिक पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने, इन्हें विकसित करने, अपने शैक्षिक क्रियाकलापों में अनुसंधान की गतिविधियां और उसका दर्जा बढ़ाने के लिए संचालनात्मक स्वायतता मिलेगी।
इसके प्रावधानों का उद्देश्य इन संस्थानों को विश्वस्तरीय बनाने का है। ये संस्थान सरकार की आरक्षण नीति लागू करेंगे और संबंधित हितधारकों के लाभ के लिए विशेष गतिविधियां भी चलायेंगे। इसके बल पर ये संस्थान विश्वस्तरीय शिक्षण प्रदान करने और नवाचारों के इस्तेमाल से अनुसंधान का अनुभव प्रदान करने में समर्थ होंगे।
यह हैं दोनों विधेयक
- राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंध संस्थान विधेयक, 2021 (National Institute of Food Technology Enterprenuership and Management Bill)
- फैक्टर विनियमन संशोधन विधेयक 2020 (Factoring Regulation Amend Bill) पारित हुआ।
इसके अंतर्गत संस्थानों के कार्यों में आहार विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शिक्षण, अनुसंधान और ज्ञान का प्रसार करना, परीक्षाएं कराना और डिग्री, डिप्लोमा, प्रमाण पत्र तथा दूसरी शैक्षणिक उपाधियां या पदवियां देना, फीस और दूसरे शुल्क तय करना और निदेशक को छोड़कर शैक्षणिक और अन्य पदों को आरंभ करने और उन पर नियुक्तियां करने का कार्य शामिल है। यह विधेयक इसी वर्ष मार्च में राज्य सभा से पारित हो चुका है।
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