हल्द्वानी: बदलते मौसम से बढ़ रहे वायरल फीवर के मरीज, बरतें ये सावधानी

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। बदलते मौसम के कारण वायरल फीवर के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। अस्पतालों में बुजुर्गों व बच्चों में वायरल फीवर के लक्षण ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। इसमें बुखार, गले में दर्द व खांसी आदि रोगों का खतरा बढ़ गया है। कोरोना संक्रमण की दरों में कमी …

हल्द्वानी, अमृत विचार। बदलते मौसम के कारण वायरल फीवर के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। अस्पतालों में बुजुर्गों व बच्चों में वायरल फीवर के लक्षण ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। इसमें बुखार, गले में दर्द व खांसी आदि रोगों का खतरा बढ़ गया है। कोरोना संक्रमण की दरों में कमी के बाद में एसटीएच में वायरल फीवर बढ़ने लगे हैं।

मंगलवार को सुशीला तिवारी अस्पताल में 974 मरीज ओपीडी में पहुंचे। इसमें सर्दी-जुकाम, खांसी बुखार के मरीज ज्यादा हैं। वायरल फीवर के 248 मरीज ओपीडी में पहुंचे। इसमें जनरल मेडिसिन में 180 व बाल रोग विभाग में 68 बच्चे वायरल फीवर से ग्रसित मिले। मंगलवार को एसटीएच में वायरल फीवर के मरीज सबसे ज्यादा मिले। डॉक्टरों का कहना कि वायरल फीवर के लक्षण होने पर बिना डॉक्टरी सलाह के दवाई लेना हॉनिकारक हो सकता है। हवा और पानी में बदलाव होने से संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है।

यह है वायरल फीवर
वायरल फीवर मौसम बदलने के दौरान होने वाला रोग है। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है। बदलते मौसम के दौरान खान-पान या शारीरिक कमजोरी की वजह से वायरल फीवर होने का खतरा बढ़ जाता है। वायरल संक्रमण एक से दूसरे इंसान को फैल सकता है।

लक्षण
सर्दी-जुकाम, थकान, शरीर में दर्द, उल्टी-दस्त, ठंडा-गर्म लगाना, गले में दर्द, आंखों में जलन, सिर दर्द आदि वायरल फीवर के लक्षण हैं। वायरल फीवर ठीक होने में 5-6 दिन लग जाते हैं।

ये सावधानी बरतें
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋतु रखोलिया ने बताया कि बरसात के मौसम में ठंडा पानी, मिर्च-मसालेदार खाद्य सामग्री का सेवन नहीं करना चाहिए। छींकते और खांसते समय मुंह पर रुमाल व कपड़ा अवश्य रखें। घर में किसी को वायरल हो तो छोटे बच्चों को उससे दूर रखें। बरसात के दौरान पीने के पानी का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इन दिनों पानी उबाल कर पींए। बरसात के दौरान पानी गंदा आने लगता है। इससे रोगों का खतरा और बढ़ जाता है।
1- दूषित पानी व भोजन से बचें।
2- वायरल बुखार से ग्रस्त रोगी के सम्पर्क में आने से बचें।
3- पानी को उबाल कर पींए।
4- बाहरी खाना खाने से बचे।
5- फॉस्ट फूड व जंक फूड से बचे।
6- वायरल फीवर के लक्षण होने पर बिना डॉक्टरी सलाह के कोई दवा नहीं ले व तुरंत डॉक्टरों को दिखाएं।

 

 

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