मुरादाबाद: जीआरपी की कामयाबी पर चोरी की कहानी हर बार पुरानी, हर खुलासे की एक ही स्क्रिप्ट
मुरादाबाद,अमृत विचार। मैं अक्सर ट्रेन में यात्रियों का सामना चोरी करता हूं। आज मैं इस मोबाइल व अन्य सामान को अपनी मजबूरी बताकर बेचने व अन्य चोरी करने की फिराक में रेलवे स्टेशन मुरादाबाद र आया था कि आपने पकड़ लिया। इस कहानी के पीछे राजकीय रेलवे पुलिस की कामयाबी का राज छिपा है। अब …
मुरादाबाद,अमृत विचार। मैं अक्सर ट्रेन में यात्रियों का सामना चोरी करता हूं। आज मैं इस मोबाइल व अन्य सामान को अपनी मजबूरी बताकर बेचने व अन्य चोरी करने की फिराक में रेलवे स्टेशन मुरादाबाद र आया था कि आपने पकड़ लिया। इस कहानी के पीछे राजकीय रेलवे पुलिस की कामयाबी का राज छिपा है। अब आप सोचेंगे कि भला कहानी के पीछे कामयाबी का राज कैसे, तो आईये हम आपकों बतातें।
दरअसल राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) एसपी अर्पणा गुप्ता के निर्देश पर ट्रेनों में अपराध की रोकथाम के लिए चोरों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत हर तीसरे-चौथे दिन जीआरपी मोबाइल, सामान चोरी के आरोपियों को पकड़कर अपनी पीठ भी थपथपा रही है। इसके साथ ही अधिकारी भी चोरी का खुलासा करने पर टीम को बधाई दे रहे हैं।
पर, हर नए चोर को पकड़ने के बाद मामले का खुलासा करने में जीआरपी के पास रटी-रटाई कहानी होती है। जीआरपी की ओर से जारी की जाने वाली प्रेस विज्ञप्ति में सिर्फ आरोपी का नाम, पता बदलने के साथ ही चोर को पकड़ने वाली टीम के सदस्यों के नाम अलग होते हैं। जबकि चोर को पकड़ने का स्थान, चोर का कबूलनामा एक जैसा ही दर्शाया जाता है। जिससे जीआरपी की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
दो माह में पकड़े 11 मोबाइल चोर
जीआरपी ने अलग-अलग ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल व अन्य सामान चुराने वाले 11 आरोपियों को स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 6,7 के साथ ही 3 से पकड़ा। जिनके पास से मोबाइल व अन्य सामान बरामद करने का दावा भी किया गया। लेकिन, पकड़े जाने के बाद सभी आरोपियों का कबूलनामा एक जैसा होने के कारण जीआरपी की कार्यशैली शक के दायरे में उलझ रही है।
ट्रेन में सुरक्षा, फिर भी चोर सक्रिय
कोविडकाल में ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा चाकचौबंध करने का दावा किया गया। क्योंकि बिना आरक्षण और चेकिंग के बाद ही यात्रियों को स्टेशन के बाद ट्रेन में प्रवेश दिया जा रहा था। इसके बावजूद कोविडकाल के दौरान ट्रेनों में यात्रियों के सामान के साथ मोबाइल आदि चोरी होने की घटनाएं घटित हुई। ऐसे में सुरक्षा पर भी सवाल उठना लाजमी है।
एसपी जीआरपी अर्पणा गुप्ता ने बताया कि ट्रेनों में अपराध की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाकर चोरों को पकड़ा जा रहा है। पुन: चोरी की फिराक में चोर रेलवे स्टेशन पहुंचते हैं, जिन्हें जीआरपी चोरी करने से पहले ही दबोच लेती है। चोर द्वारा बताए गए घटनाक्रम के अनुरुप ही प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाती है।
