मिशन 2022 की तैयारी में जुटी भाजपा, 2014 की रणनीति पर करेगी अमल
लखनऊ। अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर हर दल अपनी तैयारी में मशगूल है। लेकिन भाजपा के काम का तरीका थोड़ा हटकर ही हमेशा रहता है। बीजेपी के लीडरान तो बड़े जोरदार ढंग से साढ़े तीन सौ सीटों पर जीत कर फिर सरकार बनाने का दावा करते हैं। सभाओं और …
लखनऊ। अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर हर दल अपनी तैयारी में मशगूल है। लेकिन भाजपा के काम का तरीका थोड़ा हटकर ही हमेशा रहता है। बीजेपी के लीडरान तो बड़े जोरदार ढंग से साढ़े तीन सौ सीटों पर जीत कर फिर सरकार बनाने का दावा करते हैं। सभाओं और कार्यक्रम में भाषणों में नेताओं को अपने दावे करने ही होते हैं। कभी कभी दावे के इतर रिजल्ट आता है। वेस्ट बंगाल में बीजेपी ने खुद देखा है। कहते थे कि दो मई दीदी गई लेकिन दीदी नहीं गयी और फिर सीएम हैं। अब बीजेपी रिस्क नहीं लेने वाली है। यूपी भाजपा की प्रतिष्ठा से जुड़ा सूबा है। पीएम भी यही से रक्षामंत्री भी यही से, चूक नहीं होने देना चाहेंगे।
भाजपा में संगठन ही सबकुछ है। नेशनल लेबल से लेकर बूथ लेबल तक कमेटी होती है। बूथ मजबूत तो सब मजबूत, क्योंकि वोट तो बूथ पर ही पड़ेंगे। बीजेपी के वर्कर कभी खाली नहीं रहने पाते हैं क्योंकि एक मिशन पूरा होते ही अगले का टास्क हाईकमान पदाधिकारियो और कार्यकर्ताओं को थमा देता है। काम करना है तो आराम के लिए वक्त कहा है। प्रधानमंत्री जब 18 घण्टे काम कर सकते तो दूसरे कैसे नहीं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने जिस रणनीति से यूपी में 80 में 73 सीटें जीती थी। उसी तर्ज पर बीजेपी 2022 के चुनावी मैदान में उतरने वाली है।
यूपी विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति तैयार है। प्लानिंग को अमल में लाने का दारोमदार संगठन महामंत्री सुनील बंसल पर है। यूपी में बीजेपी मेरा बूथ, सबसे मजबूत वाली रणनीति पर काम कर रही है। बीजेपी की बूथ वाली टीम-21 तैयार है। बताते हैं कि हर बूथ पर बीजेपी की 21 लोगों की कमेटी बनी है। कमेटी में हर जाति और वर्ग का समायोजन है। एक बूथ पर 21 लोगों की टीम काफी है जीत का माहौल तैयार करने के लिए। एक बूथ पर औसतन 800 से लेकर 1000 मतदाता होते हैं। 21 लोग घर घर हाजिरी देने और उनके साथ पार्टी की नीतियों और सरकार की उपलब्धि बताने के लिए पर्याप्त है। 5-7 बूथ मिलाकर एक शक्ति केन्द्र भी बीजेपी ने तैयार किया है।
शक्ति केन्द्र में एक सेक्टर प्रभारी और एक सेक्टर संयोजक हैं। 10-12 शक्ति केन्द्र पर एक मंडल प्रभारी है। एक मंडल में लगभग 60-70 बूथ आते है। यूपी बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह चुनावी मैनेजमेंट और कैंपेन को लेकर पार्टी के साथ चुनावी रणनीति तैयार करेंगे। आज और कल बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यूपी के पार्टी सांसदों के साथ दिल्ली में बैठक का प्रोग्राम बनाया है जिसमे उन्हें मिशन 2022 पर ही टिप्स दिये जाने हैं। इस बैठक में भी स्वतंत्र देव और सुनील बंसल शामिल हैं। जो भी नया फार्मूला नड्डा देंगे उसे भी जोड़ कर आगे बढ़ेंगे। नतीजा सुनाने का अधिकार तो सिर्फ और सिर्फ वोटर को है जिसका तो मतदान तक वेट ही करना होगा। कर्म करना वर्कर का काम और मेहनताना देना मालिक का जो मतदाता होंगे।
