घर से निकलकर पाकिस्तान पहुंचा युवक, पांच माह बाद पहुंचा खरगोन
खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के बेड़िया थाना क्षेत्र से सीमा पार कर पाकिस्तान चला गया मानसिक रूप से कमजोर आदिवासी युवक अपने गृह ग्राम सकुशल वापस आ गया। पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के केसरसिंहपुर थाना पुलिस में दस्तावेजों की आवश्यक औपचारिकताओं के बाद वेर सिंह को …
खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के बेड़िया थाना क्षेत्र से सीमा पार कर पाकिस्तान चला गया मानसिक रूप से कमजोर आदिवासी युवक अपने गृह ग्राम सकुशल वापस आ गया। पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के केसरसिंहपुर थाना पुलिस में दस्तावेजों की आवश्यक औपचारिकताओं के बाद वेर सिंह को बेड़िया पुलिस और परिजनों को सौंप दिया।
वह कल अपरान्ह अपने पिता, दो भाइयों और पुलिस कर्मी के साथ बेड़िया थाने पहुंचा और आवश्यक कार्यवाही के बाद अपने ग्रह ग्राम नलवट चला गया। उसकी पत्नी, दो पुत्रियां, अन्य भाई एवं परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण उसकी वापसी पर बेहद खुश हुए तथा उन्होंने सीमा सुरक्षा बल एवं भारत सरकार के साथ साथ खरगोन और केसरसिंहपुर पुलिस को भी धन्यवाद दिया।
खरगोन जिले के बेड़िया के थाना प्रभारी सौरभ बाथम ने बताया कि मानसिक रूप से कमजोर 35 वर्षीय वेर सिंह अक्सर अपने घर से चला जाता था और कुछ दिनों बाद वापस आ जाता था। वर्ष 2021 के मार्च महीने में उसके जाने के बाद वापस नहीं आने की स्थिति में परिजनों द्वारा कई दिनों बाद पुलिस को सूचना दी गई थी।
इस दौरान पाकिस्तान रेंजर्स ने सरकार के माध्यम से सीमा सुरक्षा बल को सूचित किया कि वेरसिंह किसी तरह सीमा पार कर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहोवल पहुंच गया है। सीमा सुरक्षा बल द्वारा आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई और खरगोन पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी।
यहां से पुष्टि होने के उपरांत सीमा सुरक्षा बल ने वेर सिंह को खरगोन लौटाने की प्रक्रिया के लिए श्री गंगानगर जिले के केसर सिंह पुर थाने को सौंप दिया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर उसकी खोज आरंभ हुई और शीघ्र ही यह पता लगा लिया गया कि वह नलवट का निवासी है।
वीडियो कॉल के माध्यम से परिजनों ने उसकी शिनाख्त की। उसके आवश्यक दस्तावेज तैयार कराए गए और 2 दिन पूर्व उसे लेने ग्राम पटेल, दो भाई ,पिता और पुलिस कर्मी केसर सिंह पुर रवाना किए गए थे। क्षेत्रीय विधायक सचिन बिरला ने परिजनों को केसर सिंहपुर जाने के लिए वाहन उपलब्ध कराया था।
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