लखनऊ: लोकभवन के सामने बुजुर्ग ने की आत्मदाह की कोशिश, पुलिसकर्मियों ने बचाया

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधानसभा के सामने स्थित लोकभवन के पास गुरुवार को आत्मदाह करने के लिए उन्नाव से घायलावस्था में लडख़ड़ाते हुए आए वृद्ध धर्मराज शर्मा को एसीपी राघवेंद्र मिश्रा और इंस्पेक्टर श्यामबाबू शुक्ला ने पकड़ लिया। दोनों अधिकारियों ने वृद्ध की समस्या सुनी और उन्नाव पुलिस को मामले से अवगत …

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधानसभा के सामने स्थित लोकभवन के पास गुरुवार को आत्मदाह करने के लिए उन्नाव से घायलावस्था में लडख़ड़ाते हुए आए वृद्ध धर्मराज शर्मा को एसीपी राघवेंद्र मिश्रा और इंस्पेक्टर श्यामबाबू शुक्ला ने पकड़ लिया। दोनों अधिकारियों ने वृद्ध की समस्या सुनी और उन्नाव पुलिस को मामले से अवगत कराया। इसके बाद वृद्ध का सिविल अस्पताल में इलाज कराया और जाने के लिए किराया देकर उन्हें समझा-बुझाकर भेज दिया। वृद्ध ने जमीन के विवाद के मामले को लेकर उन्नाव पुलिस पर सुनवाई न करने का आरोप लगाया है।

दरअसल गुरुवार लोक भवन के पास उन्नाव के सेखपुर नरी निवासी वृद्ध धर्मराज लडख़ड़ाते हुए दो झोले लेकर आए और आत्मदाह का प्रयास करने लगे। यह देख एसीपी राघवेंद्र मिश्रा और इंस्पेक्टर श्यामबाबू शुक्ला ने हमराहियों के साथ ने उन्हें बचा लिया। इसके बाद उन्हें भाजपा मुख्यालय के पास पुलिस बूथ पर लेकर पहुंचे। वहां पहुंचते ही वृद्ध फूट-फूटकर रोने लगा। वृद्ध को पानी पिलाने के बाद चाय पिलाई गई। हालात सामान्य होने पर वृद्ध ने बताया कि उसके हिस्से की साढ़े तीन बीघा जमीन उसकी भाभी राजरानी और भतीजे सुनील ने मिलकर बेच दी है। तहसील दिवस में प्रार्थनापत्र दिया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

उन्नाव कोतवाली में भी मामला लेकर पहुंचे, मामला दर्ज करने के लिए तहरीर दी, लेकिन वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई। करीब एक सप्ताह पहले भतीजों और भाभी ने मिलकर उसे मारापीटा भी था। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और चल भी नहीं पा रहा था। उसके पास लखनऊ आने के लिए किराया भी नहीं था, पड़ोसी से रुपए उधार मांग कर लखनऊ आया। वृद्ध बार-बार यही दोहरा रहा था कि मुख्यमंत्री से मिलना है, नहीं तो आत्महत्या कर लूंगा। जिसके बाद हजरतगंज इंस्पेक्टर ने शहर कोतवाल उन्नाव से बात कर उन्हें मामले की जानकारी दी। उसके बाद वृद्ध को सिविल अस्पताल भेजकर वहां उनका उचित इलाज कराया गया। एसीपी राघवेंद्र मिश्रा ने अपना फोन नंबर देकर किसी भी परेशानी से अवगत कराने की बात कही और उन्हें कुछ धनराशि देकर उन्नाव के लिए भेज दिया।

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