Tokyo Olympics: कोरोना जांच करने का अजीब तरीका, रोज इकट्ठा हो रहा ढेर सारा ‘थूक’

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

टोक्यो। एक शीशी में एक मिलीलीटर थूक, रोजाना 30,000 शीशियां और ओलंपिक खत्म होने तक करीब 5 लाख मिलीलीटर से ज्यादा थूक। ओलंपिक के बीच कोरोना मामलों पर काबू रखने के लिए रोजाना हो रही, जांच के ये कुछ आंकड़े हैं। ओलंपिक के दौरान रोजाना करीब 30,000 लोग छोटी छोटी प्लास्टिक की शीशियों में थूक …

टोक्यो। एक शीशी में एक मिलीलीटर थूक, रोजाना 30,000 शीशियां और ओलंपिक खत्म होने तक करीब 5 लाख मिलीलीटर से ज्यादा थूक। ओलंपिक के बीच कोरोना मामलों पर काबू रखने के लिए रोजाना हो रही, जांच के ये कुछ आंकड़े हैं। ओलंपिक के दौरान रोजाना करीब 30,000 लोग छोटी छोटी प्लास्टिक की शीशियों में थूक के नमूने दे रहे हैं, जो करीब एक मिलीलीटर होता है।

इनमें दुनिया भर से खेलों में भाग लेने आए लोग शामिल हैं। 8 अगस्त को ओलंपिक खत्म होने तक करीब 5 लाख शीशियों में 5 लाख मिलीलीटर थूक जमा हो जाएगा। इस थूक को ट्यूबों में जमा करके बारकोड लगाकर रखा जा रहा है। जिनके नतीजों में संशय होता है, उनकी दोबारा जांच होती है। ये जांच ‘फीवर क्लीनिक’ नामक एक केंद्र पर की जा रही है जो पृथकवास में रह रहे लोगों का भी ध्यान रखता है।

यहां जांच नाक में एक स्टिक डालकर नहीं की जा रही है जो कि कोरोना जांच का प्रचलित एक तरीका है। खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों, मीडिया और खेलों से जुड़े लोगों की मुफ्त जांच हो रही है जबकि इसका खर्च करीब 10,000 येन या सौ डॉलर आता है। अभी तक खेलों से जुड़े 220 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें 23 खिलाड़ी हैं।

इसे भी पढ़ें…

टोक्यो ओलंपिक में भारत का नाम रोशन करतीं सिंधु, सेमीफाइनल में पुहंची, स्वर्ण पदक से बस एक कदम दूर

संबंधित समाचार