यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित: राजधानी में 100 फीसदी परीक्षार्थी हुए पास, छात्रों में खुशी की लहर
लखनऊ। यूपी बोर्ड दसवीं और बारहवीं के परीक्षा में राजधानी के 100 प्रतिशत परीक्षार्थी पास हो गये हैं। परिणाम को लेकर परीक्षार्थियों ने भी खुशी जाहिर की है। इस संबंध में राजधानी के कई कॉलेजों के छात्रों का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में जिस तरह से परीक्षाएं नहीं हुई थी, उससे परिणाम को …
लखनऊ। यूपी बोर्ड दसवीं और बारहवीं के परीक्षा में राजधानी के 100 प्रतिशत परीक्षार्थी पास हो गये हैं। परिणाम को लेकर परीक्षार्थियों ने भी खुशी जाहिर की है। इस संबंध में राजधानी के कई कॉलेजों के छात्रों का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में जिस तरह से परीक्षाएं नहीं हुई थी, उससे परिणाम को लेकर डर लग रहा था लेकिन अब हम संतुष्ट हैं। लखनऊ पब्लिक स्कूल्स एण्ड कॉलेजे के छात्रों ने बताया कि परिणाम काफी बेहतर है। वहीं एसकेडी के छात्रों ने बताया कि परिणाम को लेकर उन्हें तनिक भी निराशा नहीं है। एलपीसी के यूपी बोर्ड परीक्षा में 89 छात्र-छात्रायें हाईस्कूल परीक्षा में तथा 120 छात्र-छात्रायें इण्टरमीडिएट परीक्षा में शामिल हुए।
हाईस्कूल परीक्षा में 01 विद्यार्थी ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक तथा 07 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा में 03 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने में सफलता प्राप्त की। यहां हाईस्कूल परीक्षा में एलपीसी, बी-ब्लॉक राजाजीपुरम की अनुशिका त्रिपाठी ने 95.5 प्रतिशत, सुप्रिया शर्मा ने 94.67 प्रतिशत, प्रभात मिश्रा ने 93.17 प्रतिशत, दिव्यांश तिवारी ने 91.67 प्रतिशत तथा एलपीएस आनन्द नगर के दिव्यांशु कटियार ने 92 प्रतिशत एवं तन्मय सिंह यादव ने 88.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किया। इण्टरमीडिएट परीक्षा में एलपीसी, बी-ब्लॉक राजाजीपुरम की माही पटेल ने 94.8 प्रतिशत, जागृति सिंह ने 92.4 प्रतिशत, तनुश्री अग्निहोत्री ने 90.8 प्रतिशत अंक तथा एलपीएस आनन्द नगर के सैयद मोहम्मद असद ने 86.4 प्रतिशत तथा अदिति निगम व आशुतोष शुक्ला ने 86.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किया।
आज का विद्यार्थी ही देश का भविष्य-दिनेश शर्मा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के शनिवार को इंटर तथा हाईस्कूल का परिणाम जारी करने के बाद उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कक्षा 12 एवं 10 की परीक्षा के परीक्षार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। उन्होंने कहा कि यह आज का विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा हमारे विद्यार्थियों ने कोरोना वायरस संक्रमण के कठिन समय में मेहनत की और उसी का ही नतीजा आया है। यूपी बोर्ड का विद्यार्थी बेहद प्रतिभाशाली एवं ऊर्जावान भी है। आशा है कि यह विद्यार्थी अपनी प्रतिभा व कौशल के आधार पर आने वाले समय में दुनियाभर में देश व अपने प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। डॉ. शर्मा ने कहा कि किसी को भी निराश नहीं होना है बल्कि इन परिणामों को जीवन का पड़ाव मानते हुए मेहनत के साथ आगे बढना होगा।
एसकेडी में छात्रों ने जताई खुशी
एसकेडी स्कूल में परीक्षा लखनऊ में द्धितीय स्थान आयूषी मिश्रा 92.7 प्रतिशत एवं वि़द्यालय में प्रथम स्थान रहा, विद्यालय में द्वितीय स्थान स्वप्निल यादव 91.7 प्रतिशत व तृतीय स्थान अदी शेख 91.3 प्रतिशत रहा है। श्वेता यादव 91.0 प्रतिशत, अलतिसा सिद्धिकी 90.2 प्रतिशत रहा। इण्टरमीडिएट परीक्षा लखनऊ में द्धितीय स्थान प्रियांशी 90.2 प्रतिशत एवं विद्यालय में प्रथम स्थान रहा, विद्यालय में द्वितीय स्थान प्रकाश चौरसिया 85.2 प्रतिशत व वन्दना शर्मा 83.6 प्रतिशत रहा है शैंकी पाण्डे 82.4 प्रतिशत, फैजान उदैन सिद्धिकी 82.0 प्रतिशत रहा। साथ ही इन सभी विद्यार्थियों ने अपने नाम के साथ-साथ अपने माता-पिता व विद्यालय का नाम जनपद में ही नहीं वरन् पूरे प्रदेश में गौरवान्वित किया है। विद्यालय के इण्टरमीडिएट एवं हाई स्कूल के सभी विद्यार्थी ससम्मान उत्तीर्ण हुए।

हाईस्कूल परीक्षा में लड़कियां अव्वल
हाई स्कूल परीक्षा में टोटल 99.53 फीसदी बच्चे पास हुए। इसमें 99.52 फीसदी लड़के पास हुए तो वहीं 99.55 फीसदी लड़कियां सफल रहीं। परीक्षा में 8080 और 5935 लड़कियां फेल हो गई है। कुल 14015 बच्चे परीक्षा में सफल नहीं हो सके। इसमें 0.48 फीसदी लड़के और 0.45 फीसदी लड़कियां परीक्षा पास नहीं कर पाई। कुल 82238 बच्चे प्रमोट किए गए, इसमें 52614 लड़के और 29624 लड़कियां शामिल हैं। 2.74 फीसदी प्रमोटेड बच्चों में 3.13 फीसदी लड़के और 2.45 फीसदी लड़कियां शामिल है।
इंटरमीडिएट परीक्षा में भी लड़कियां रही अव्वल
इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 2610247 बच्चे शामिल हुए। जिसमें 1474317 लड़के और 1135930 लड़कियां थे। परीक्षा में कुल 2554813 बच्चे पास हुए जिसमें 1117780 लड़कियां और 1437033 लड़के शामिल है। इसमें कुल 97.88 फीसदी बच्चे पास हुए जिसमें 97.47 लड़के व 98.40 फीसदी लड़कियां शामिल है। 55555 बच्चे फेल रहे जिसमें 373828 लड़के और 18227 लड़कियां शामिल हैं। इस परीक्षा में 2.13 फीसदी असफल रहे बच्चों में 1.6 फीसदी लड़किया तो 2.53 फीसदी लड़के शामिल है। कुल 62506 प्रमोडेट बच्चों में 19525 लड़कियां और 42981 लड़के शामिल है। इसमें 2.39 फीसदी बच्चों को प्रमोट किया गया जिसमें 1.72 फीसदी लड़कियां और 2.92 फीसदी लड़के शामिल है।
अंक सुधार का भी मिलेगा मौका
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 2021 में पंजीकृत छात्र-छात्राओं को अंक सुधार का बड़ा मौका भी दिया है। उनकी स्क्रूटनी नहीं होगी, बल्कि अंक दुरुस्त कराने वालों को परीक्षा देनी होगी। इसके लिए उन्हें अगली बोर्ड परीक्षा का इंतजार करना होगा। उसमें बिना शुल्क दिए वे शामिल हो सकते हैं और उनका परीक्षाफल का वर्ष भी 2021 ही रहेगा। इतना ही नहीं विद्यार्थी एक या एक से अधिक कितने ही विषयों की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। ज्ञात हो कि पहले अधिकतम दो विषय की ही स्क्रूटनी करा सकते थे।
ये परीक्षार्थी नहीं हुए होंगे पास
यूपी बोर्ड के रिजल्ट में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अनुत्तीर्ण भी होंगे। परिणाम तैयार करते समय सामने आया कि कई परीक्षार्थियों ने अलग-अलग जिलों से आवेदन कर दिया है। अब यह सभी एक ही जिले से उत्तीर्ण होंगे। इसी तरह से जो छात्र-छात्राएं 9वीं, 11वीं आदि की परीक्षाओं में अनुपस्थित रहे, उनके अंक नहीं मिल सके। इसके अलावा कक्षा 12 के कई ऐसे छात्र हैं, जिनका हाईस्कूल का अंकपत्र सही नहीं है। यह सभी अनुत्तीर्ण होंगे।
