मुरादाबाद : उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने 7935 मेधावियों को बांटी डिग्री और उपाधि, समारोह में बिखरी अनुपम छटा
मुरादाबाद, अमृत विचार। तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह में शनिवार को वर्ष 2018 से 2020 तक के 7935 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां दी गईं। टाप- थ्री के 450 छात्र/छात्राओं को मेडल दिया गया। समारोह में 153 गोल्ड, 149 रजत और 148 ब्रोंज मेडल वितरित किए गए। साल 2018 से 2021 तक शोध करने वाले 53 लोगों …
मुरादाबाद, अमृत विचार। तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह में शनिवार को वर्ष 2018 से 2020 तक के 7935 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां दी गईं। टाप- थ्री के 450 छात्र/छात्राओं को मेडल दिया गया। समारोह में 153 गोल्ड, 149 रजत और 148 ब्रोंज मेडल वितरित किए गए। साल 2018 से 2021 तक शोध करने वाले 53 लोगों को डाक्टरेट की उपाधि दी गई। उप मुख्यमंत्री डा.दिनेश शर्मा सहित अतिथिजनों ने समारोह में डिग्री और मेडल वितरित किये।
समारोह के मुख्य अतिथि डा. शर्मा ने छात्र, छात्राओं और शोध करने वालों को बधाई दी। कहा, दीक्षांत असल में शिक्षा का प्रारब्ध है। सभी निरन्तर आगे बढ़ते रहे के सिद्धांत का पालन करें और देश के निर्माण में अपनी उपयोगिता साबित करें। बोले, ऐसा अवसर पूरी जिंदगी याद रहता है। इसलिए सभी जीवन में सपने देखें और बड़े सपने देखें। जब तक सपना साकार न हो तब तक चैन से न बैठें। उन्होंने कहा कि कोरोना ने देश की प्रगति बाधित करने का प्रयास किया था, जिसे हमने चुनौती के रूप में स्वीकार किया। प्रधानमंत्री ने चिकित्सा के क्षेत्र में अद्भुत कार्य कराए। ऑक्सीजन प्लान्ट लगे। निगरानी समितियों का गठन कर कोरोना पर नजर रखी गयी। अभी भी हमें कोरोना के विभिन्न स्वरूपों का मिलकर मुकाबला करना है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दीक्षान्त समारोह शिक्षा का अन्त नहीं है। इसलिए मेधावी अपने लक्ष्य चुनकर अपनी सेवा को राष्ट्र के प्रति समर्पित करें। अन्य देशों के लोग टीएमयू में पढ़ने आ रहे हैं, यह बडे़ गर्व का विषय है। मेधावी देश की जरूरतों को तलाशें और अपने देश एवं प्रदेश में सेवा करें। माता-पिता एवं परिवार का सम्मान करें। कहा कि नई शिक्षा नीति को विश्वविद्यालय में लागू किया जाये। नई शिक्षा नीति के आधार पर ही अपने पाठ्यक्रम बनायें।
विशिष्ट अतिथि पंचायती राज मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि शिक्षा ही एकमात्र ऐसा अस्त्र है, जिससे हम जीवन में अच्छे दिन व विजय प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह जहां भी जायें शिक्षा से जनपद, प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करें। विवि के कुलाधिपति सुरेश जैन ने अपने संकल्प दोहराए। बोले, कोरोना की वजह से पिछले साल दीक्षांत टल गया। 22 मार्च को इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को आना था। इसके अगले दिन लॉकडाउन लग गया। बोले, इस परिसर में 12000 तक छात्र-छात्राओं को डिग्री एक साथ दी गई है। डा. प्रदीप अग्रवाल ने मुख्य अतिथि से स्क्राल पर हस्ताक्षर करवाए। विशिष्ठ अतिथि और विश्वविद्यालय कार्यकारिणी के सदस्य डा. जयपाल सिंह व्यस्त ने अतिथियों के प्रति आभार और कृतज्ञता व्यक्त की।
कुलपति डा.रघुवीर सिंह ने विश्वविद्यालय का संकल्प और यात्रा का विविरण रखा। वाइस चैयरमैन मनीष जैन, एमजीबी अक्षत जैन ने आगतजनों का बुके देकर परंपरागत रूप से स्वागत किया। समारोह में जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन सुरेन्द्र सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर आलोक वर्मा, शहर विधायक रितेश कुमार गुप्ता, खादी ग्रामोद्योग के उपाध्यक्ष गोपाल अंजान, मेयर विनोद अग्रवाल, विधायक कांठ राजेश कुमार सिंह चुन्नू, एमएलसी डा. जयपाल सिंह व्यस्त, बाल संरक्षण आयोग के चेयरमैन डा. विशेष गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा राजपाल सिंह चौहान, महानगर अध्यक्ष धर्मेन्द्रनाथ मिश्र, जिला पंचायत अध्यक्ष डा. शेफाली सिंह, अनुसूचित जाति जनजाति आयोग की सदस्य साध्वी गीता प्रधान, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य गिरीश वर्मा, सदस्य विधान परिषद हरि सिंह ढिल्लो आदि उपस्थित रहे। समारोह का संचालन रजिस्ट्रार डा.आदित्य शर्मा ने किया।
दीक्षांत की एक झलक
2018 से 2020 तक के 7935 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां दी
टाप थ्री 450 छात्र/छात्राओं को मेडल वितरित
153 गोल्ड, 149 रजत व 148 ब्रोंज मेडल वितरित
2018 से 2021 तक शोध वाले 53 अभ्यर्थियों को को पीएचडी की डिग्री
