बरेली: कोविड से अनाथ बेटियों को मिलेगी शादी में सरकारी मदद
बरेली, अमृत विचार। कोविड महामारी से अनाथ हुई बेटियों के लिए राहत भरी खबर है। सीएम बाल सेवा योजना के तहत उनको विवाह के समय एक लाख एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। वहीं, इससे पूर्व सरकार द्वारा हर महीने चार हजार रुपये खाते में सहायता अनुदान भेजा जाएगा। उपनिदेशक/जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार …
बरेली, अमृत विचार। कोविड महामारी से अनाथ हुई बेटियों के लिए राहत भरी खबर है। सीएम बाल सेवा योजना के तहत उनको विवाह के समय एक लाख एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। वहीं, इससे पूर्व सरकार द्वारा हर महीने चार हजार रुपये खाते में सहायता अनुदान भेजा जाएगा।
उपनिदेशक/जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने बताया कि कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार द्वारा हर संभव प्रयास कर रही है। फिर भी इस वैश्विक महामारी के कारण बड़ी संख्या में जनहानि हुई है। किसी बच्चे ने अपने पिता तो किसी ने अपनी मां को खो दिया। कई बच्चे ऐसे भी हैं जिनके माता-पिता दोनों ही दुनिया में नहीं रहे।
ऐसे संकटग्रस्त बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि में आर्थिक सहयोग प्रदान करने के लिए उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की गई है जिसमें इस श्रेणी की सभी बालिकाओं की शादी के लिए सरकार एक लाख एक हजार की राशि उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा शादी होने तक हर महीने चार हजार रुपये खाते में अनुदान भेजा जाएगा।
कुछ इस तरह होगा पात्रों का चयन और जांच
कोविड से अनाथ के रूप में चिन्हित बालिकाओं व उनके अभिभावकों से जिला बाल संरक्षण इकाई सीधे संपर्क कर उनके आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया को चिन्हांकन के 15 दिन के अंदर पूर्ण कराएगी। जनपद स्तरीय टास्क फोर्स इसके लिए जिला बाल संरक्षण इकाई का सतत पर्यवेक्षण कर यह सुनिश्चित कराएगी कि ऐसी सभी बालिकाओं के आवेदन पत्र समय से प्राप्त कर लिए जाएं। सभी बालिकाएं स्वयं, उनके पिता, माता या संरक्षक योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आफ लाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र के साथ आवश्यक अभिलेख की स्वप्रमाणित प्रति संलग्न करना जरूरी है। आवेदन पत्र को ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी या विकासखंड या जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में व शहरी क्षेत्रों में संबंधित क्षेत्र के लेखपाल या तहसील या सीधे जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में जमा कराया जा सकता है।
आवेदन के लिए आवश्यक अभिलेख
बालिका व उसके अभिभावक की नवीनतम फोटो समेत पूर्ण आवेदन पत्र, माता-पिता, वैध संरक्षक का मृत्यु प्रमाण पत्र, कोविड से मृत्यु संबंधी साक्ष्य, वर-वधु का आयु प्रमाण पत्र, किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षणद्ध अधिनियम 2015 की धारा 94 में उल्लिखित प्रमाण पत्रों के अतिरिक्त परिवार रजिस्टर की नकल अथवा आयु के उल्लेख वाले सरकारी दस्तावेज की प्रति, विवाह की तिथि नियत होने या विवाह संपन्न होने संबंधी अभिलेख या विवाह का कार्ड, उप्र के निवासी होने का प्रमाण पत्र, परिवार का आय प्रमाण पत्र जो तीन लाख से अधिक का न हो, माता व पिता दोनों की मृत्यु की दशा में यह प्रमाणपत्र आवश्यक नहीं है।
यह होगी आर्थिक सहायता की पात्रता
विवाह की नियत तिथि को वर की आयु 21 वर्ष व वधू की आयु 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। विवाह की तिथि से 90 दिन पूर्व से विवाह होने की तिथि के 90 दिन के अंदर आवेदन किया जाना अनिवार्य है। 2 जून 2021 से पूर्व किए गए विवाह के लिए अनुदान देय नहीं होगा।
महमारी ने 51 बच्चों ने पिता को खोया
53 बच्चों में दो की माताओं और 51 बच्चों के पिता की कोराना से मौत हुई है। इससे माना जा रहा है कि महिलाओं के मुकाबले पुरुषों पर कोरोना की कहीं ज्यादा मार रही है। डीपीओ नीता अहिरवार का कहना है कि गुरुवार को उप मुख्यमंत्री ने लखनऊ में बाल सेवा योजना का शुभारंभ किया था। कलेक्ट्रेट में इसका वर्चुअल प्रसारण कलेक्ट्रेट में हुआ। उसी दिन 22 बेसहारा बच्चों के खाते में चार हजार रुपये अनुदान राशि भेजी गई। शेष के खातों में यह राशि भेजने की प्रकिया जारी है। उन्होंने यह भी बताया बेटी की शादी के समय अभिभावक को 1.01 लाख की सहायता राशि के लिए प्रोबेशन कार्यालय में फार्म भरकर जमा करना होगा।
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