काशीपुर: पति, मामा और दोस्तों के साथ मिलकर करता था पत्नी का शारीरिक शोषण, अश्लील वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल
काशीपुर, अमृत विचार। एक महिला ने अपने पति, ससुर, मामा ससुर पर उसके साथ दुष्कर्म करने, अप्राकृतिक शारीरिक संबंध बनाने व उसकी अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति समेत चार आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर मामले की …
काशीपुर, अमृत विचार। एक महिला ने अपने पति, ससुर, मामा ससुर पर उसके साथ दुष्कर्म करने, अप्राकृतिक शारीरिक संबंध बनाने व उसकी अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति समेत चार आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कुंडेश्वरी निवासी एक महिला ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसका दूसरा विवाह 12 अक्तूबर 2018 को कुंडेश्वरी निवासी एक व्यक्ति से हुआ था। शादी के बाद वह विभिन्न स्थानों पर उसके साथ रही। कहा कि विवाह के बाद से पति और मामा ससुर उसका मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न करने लगे। बताया कि पति आए दिन अपने दोस्तों के साथ घर में शराब पीता था और उसके दोस्तों के साथ गलत काम करने को मजबूर करता था। विरोध करने पर पति, ससुर, मामा ससुर व उसकी पत्नी उसके साथ मारपीट करते थे। उसकी मर्जी के बिना पति व उसके दोस्तों ने उसके साथ अप्राकृति शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान मामा ससुर ने उसकी अश्लील वीडियो क्लीपिंग भी बना ली।
कहा कि मामा ससुर एक शातिर जालसाज, बदमाश किस्म का व्यक्ति है। जिसपर अनेको मुकदमें चल रहे हैं। इस मामले में भी आरोपियों द्वारा लगातार समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। वह कई बार उससे लाखों रुपए ऐंठ चुके हैं। पीड़िता ने बताया कि उसे उसके पहले पति से एक पुत्र है और 3 अक्तूबर 2018 में पूर्व पति से भरण पोषण के लिए 9 लाख रुपए मिले थे। कहा कि उक्त लोग उससे लाखों रुपए ले चुके हैं। मार्च 2021 में उससे दो लाख रुपए लिए। कहा कि उक्त लोगों ने वीडियो क्लीपिंग वायरल करने, उसके पुत्र को जान से मारने तथा उसके माता-पिता को झूठे मुकदमे में फंसाने के नाम पर उसे डरा धमकाकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं आरोपियों ने उसके ऊपर उत्तर प्रदेश में कई झूठे मुकदमे लिखवा दिए हैं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति, ससुर, मामा ससुर व उसकी पत्नी के खिलाफ धारा 376, 377, 323 आईपीसी में नामजद मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
