हल्द्वानी: रोडवेज कर्मियों को वेतन न मिलने पर हाईकोर्ट सख्त

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नैनीताल, अमृत विचार। उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारियों को छह माह से वेतन न मिलने व उत्तराखंड निर्माण के 20 साल बाद भी परिसंपत्ति बंटवारा न होने पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सरकार से जवाब मांगा है। वहीं, केंद्रीय परिवहन सचिव को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द यूपी …

नैनीताल, अमृत विचार। उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारियों को छह माह से वेतन न मिलने व उत्तराखंड निर्माण के 20 साल बाद भी परिसंपत्ति बंटवारा न होने पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सरकार से जवाब मांगा है। वहीं, केंद्रीय परिवहन सचिव को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द यूपी और उत्तराखंड परिवहन निगम के सचिवों के बीच बैठक करवाकर परिसंपत्ति बंटवारे पर फैसला लें।

बुधवार को उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संघ की याचिका पर सुनवाई के दौरान उत्तराखंड परिवहन सचिव ने कोर्ट को बताया कि कर्मचारियों को वेतन देने के लिए राज्य सरकार द्वारा 34 करोड़ रुपए रोडवेज निगम के खाते में जमा कराए गए हैं।
हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि जब दो देशों के प्रधानमंत्रियों की बैठक होती है तो उसमें विदेश सचिवों की भूमिका अहम होती है, लेकिन उत्तराखंड में हाईकोर्ट द्वारा गंभीर मामले पर आदेश देने के बावजूद भी आज तक दोनों राज्यों के बीच बैठक नहीं हुई। केंद्र और दोनों राज्यों में एक ही पार्टी की सरकार है, ऐसे में परिसंपत्ति बंटवारे पर समस्या नहीं आनी चाहिए।

रोडवेज संघ उत्तराखंड की याचिका में कहा गया था कि सरकार न तो नियमित वेतन और न चार साल से ओवरटाइम दे रही है। संविदाकर्मी भी नियमित नहीं कर रही है। कई बार मांगों पर समझौते के बावजूद सरकार एस्मा लगाने को तैयार है। सरकार न तो निगम को 45 करोड़ रुपए बकाया दे रही है और न यूपी परिवहन निगम से 700 सौ करोड़ रुपए मांग रही है, जिससे सभी जरूरी काम अटके हुए हैं।

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