हल्द्वानी: गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण पर संकट के बादल
नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करने की योजना विफल होती दिख रही है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना टीकाकरण को लेकर गर्भवती महिलाओं का डर नहीं दूर कर पाया है। इसलिए पहले दिन ही यह कार्यक्रम ज्यादा सफल नहीं हुआ। अब आगे भी यह कार्यक्रम जारी रहेगा इस पर संशय है। लंबी कवायद के …
नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करने की योजना विफल होती दिख रही है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना टीकाकरण को लेकर गर्भवती महिलाओं का डर नहीं दूर कर पाया है। इसलिए पहले दिन ही यह कार्यक्रम ज्यादा सफल नहीं हुआ। अब आगे भी यह कार्यक्रम जारी रहेगा इस पर संशय है।
लंबी कवायद के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण शुरू कर दिया। शुक्रवार से इसकी शुरूआत की गई लेकिन महिला अस्पताल में टीकाकरण टीम गर्भवती महिलाओं का इंतजार करती रह गई। काफी मशक्कत के बाद किसी तरह से तीन महिलाओं को बुलाया गया और उनको कोरोना का टीका लगाया गया। इतने से ही कार्यक्रम के शुभारंभ की इतिश्री कर ली गई। इधर टीकाकरण केंद्र पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मी ने बताया कि अनुमान था कि पहले दिन ही कम से कम 50 महिलाएं टीकाकरण के लिए आएंगी लेकिन यहां तो एक महिला का ही इंतजाम करना मुश्किल हो गया।
टीकाकरण के लिए वायल को खोलने के लिए भी कम से कम दस लोगों का होना जरूरी होता है। ऐसे में वायल से बाकी का टीका अन्य जगह पर इस्तेमाल किया गया। अस्पताल की सीएमएस डा. उषा जंगपांगी का कहना है कि टीके से बेवजह डर की वजह से गर्भवती महिलाएं टीका लगाने नहीं आ रहीं हैं। कहा कि हमारे पास इतने कर्मचारी नहीं हैं कि गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग करें और उसके बाद उन्हें टीके के लिए तैयार करें। कहा कि भविष्य में महिला अस्पताल में टीकाकरण जारी रह पाएगा इसके बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है।
जिले में करीब 50 हजार गर्भवती
हल्द्वानी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में करीब 50 हजार गर्भवती महिलाएं हैं। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए इनका टीकाकरण करना शुरू किया गया है। लेकिन गर्भवती महिलाओं में टीके के भय को लेकर यह योजना आगे बढ़ती नहीं दिखाई दे रही है।
कोरोना के टीके गर्भवती महिलाओं के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हैं। सरकार ने इसके लिए व्यापक परीक्षण कर लिए हैं। टीके उनको कोरोना से बचाएंगे।- डा. रश्मि पंत, एसीएमओ, नैनीताल
