हल्द्वानी: कोविड कर्फ्यू में मिली छूट के बाद लाइव सर्टिफिकेशन कराने नहीं पहुंचें पेंशनधारक, पेंशन बंद
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोविड कर्फ्यू की वजह से लाइव सर्टिफिकेशन में मिली छूट की मियाद 30 जून को खत्म हो गई है। फिर भी पेंशनधारकों ने लाइव सर्टिफिकेशन नहीं कराया है। इस वजह से एक हजार से ज्यादा पेंशनधारकों की पेंशन बंद कर दी गई है। कोषागार अधिकारियों के अनुसार हल्द्वानी उप कोषागार से 12 …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोविड कर्फ्यू की वजह से लाइव सर्टिफिकेशन में मिली छूट की मियाद 30 जून को खत्म हो गई है। फिर भी पेंशनधारकों ने लाइव सर्टिफिकेशन नहीं कराया है। इस वजह से एक हजार से ज्यादा पेंशनधारकों की पेंशन बंद कर दी गई है।
कोषागार अधिकारियों के अनुसार हल्द्वानी उप कोषागार से 12 हजार से ज्यादा सरकारी अधिकारी-कर्मचारी व आश्रितों को पेंशन दी जाती है। साल 2020 में कोविड-19 महामारी की रोकथाम के मद्देनजर पेंशनधारकों को लाइव सर्टिफिकेशन में छूट गई थी। दूसरे साल 2021 में भी महामारी के प्रकोप की वजह से पेंशनधारकों को लाइव सर्टिफिकेशन में रियायत दी गई थी। यह रियायत इस साल 30 जून को समाप्त हो गई थी। फिर भी पेंशनधारक लाइव सर्टिफिकेशन के लिए नहीं पहुंचे हैं। इस वजह से तकरीबन 10-15 फीसदी (करीब डेढ़ हजार) पेंशनधारकों की पेंशन जारी करना बंद कर दिया गया है। कोषागार विभाग ने पेंशनधारकों को लाइव सर्टिफिकेशन के लिए जानकारी भेजी है लेकिन पेंशनधारक नहीं पहुंचे हैं।
कोरोना महामारी के दौर में पेंशनधारकों को लाइव सर्टिफिकेशन में छूट दी गई थी जो 30 जून 2021 को समाप्त हो गई है। इस वजह से पेंशनधारकों की पेंशन जारी करना बंद कर दिया गया है। पेंशन शुरू कराने के लिए पेंशनधारक लाइव सर्टिफिकेशन करवा लें।
सूर्य प्रताप सिंह, कोषागार अधिकारी, उपकोषागर हल्द्वानी
डाकघर या सीएससी में करवाएं ई-सर्टिफिकेशन
कोषागार अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि बुजुर्ग या बीमार पेंशन धारक निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर या डाकघर में भी लाइव सर्टिफिकेशन करवा सकते हैं। पेंशनधारक की बायोमैट्रिक एंट्री होगी और जीआरडी नंबर (जरलन रिटायरमेंट डायरेक्ट्री) देना होगा। पेंशनधारक का लाइव सर्टिफिकेशन शुरू कर दिया जाएगा।
गोल्डन कार्ड बनना शुरू हो गए
उप कोषागार में गोल्डन कार्ड बनना शुरू हो गया है। सरकारी कर्मचारी, आश्रित एवं पेंशनधारक उपकोषागर में सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए गोल्डन कार्ड बनाने का काफी समय तक ठप रहा था।
