प्रधानमंत्री मोदी से मिलने पहुंचे पंजाब मुख्यमंत्री अमरिंदर, कृषि कानून को लेकर की ये मांग

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चंडीगढ़/नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर कृषि कानूनों को निरस्त करने की अपील की। यहां मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसीके साथ किसानों को नि:शुल्क कानूनी सहायता श्रेणी में लाने के लिए कानून में संशोधन की भी …

चंडीगढ़/नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर कृषि कानूनों को निरस्त करने की अपील की। यहां मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसीके साथ किसानों को नि:शुल्क कानूनी सहायता श्रेणी में लाने के लिए कानून में संशोधन की भी अपील की। इस संबंध में ने दो पत्र प्रधानमंत्री को सौंपे।

मुख्यमंत्री के अनुसार कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के आंदोलन के दौरान 400 किसानों व खेत मजदूरों की मौत हो चुकी है और आंदोलन के लंबा खिंचने पर पंजाब व देश की सुरक्षा को खतरा हो सकता है क्योंकि पाकिस्तान समर्थित देशविरोधी ताकतें सरकार के प्रति किसानों की नाराजगी का फायदा उठाकर कोई गलत हरकत कर सकती हैं। उनके अनुसार आंदोलन से पंजाब की आर्थिक गतिविधियां तो प्रभावित हो ही रही हैं, सामाजिक ताने-बाने पर भी प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री से पंजाब के सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात का समय भी मांगा।

मांडविया से मुलाकात में पंजाब के लिए मांगे कोविड रोधी टीके

प्रधानमंत्री से मिलने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की और टीके की तत्काल आपूर्ति की मांग की, जिसके बाद मंत्री ने राज्य के आवंटन में 25 प्रतिशत की तुरंत वृद्धि करने का आदेश दिया। यह जानकारी राज्य सरकार ने दी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक के दौरान अपने राज्य के लिए प्राथमिकता के आधार पर कोविड-19 रोधी टीके की 55 लाख खुराक की आपूर्ति की मांग की।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने दावा किया कि आगामी त्योहारी मौसम के मद्देनजर सिंह के और अधिक टीकों के अनुरोध के जवाब में मंत्री ने राज्य की आपूर्ति में तत्काल 25 प्रतिशत की वृद्धि का आदेश दिया। बयान में कहा गया है कि मांडविया ने हर तरह की मदद का आश्वासन देते हुए सिंह से कहा कि वह 31 अक्टूबर तक राज्य की जरूरतों को पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्याप्त आपूर्ति के साथ, राज्य सरकार प्रतिदिन 5-7 लाख लोगों के टीकाकरण की व्यवस्था कर सकती है। उन्होंने बताया कि अगस्त के महीने में पंजाब के लिए टीकों का आवंटन वर्तमान में कोविशील्ड की केवल 20,47,060 खुराक थी, जबकि लगभग 26 लाख खुराक की आवश्यकता केवल उन लोगों के लिए है जिनको दूसरी खुराक देनी है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ अपनी बैठक के दौरान मंगलवार को उठाए गए बिंदुओं को दोहराते हुए सिंह ने मंत्री से कहा कि आपूर्तिकर्ताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया जाना चाहिए कि अनुसूची के अनुसार पर्याप्त आपूर्ति दी जाए। सिंह ने कहा कि डीएपी की समय पर उपलब्धता से घबराहट में खरीदारी और कालाबाजारी को कम करने में काफी मदद मिलेगी, जिससे राज्य और केंद्र दोनों सरकारों की बदनामी होती है।

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